सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली

 अभी हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये : | फैसला लिया है कि वह भारत का नाम उन देशों की सूची से बाहर कर देंगे , जो सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली (जीएसपी) कार्यक्रम का लाभ उठा रहे हैं ।  यह लाभ उन उत्पादों पर उठाया जाता है जिनका निर्यात  अमेरिका को किया जाता है । 
 
  अमेरिका के अनुसार उसने ये कदम भारत पर उचित व्यापारिक सहयोग नहीं करने के कारण कदम उठाया है । अमेरिका ने भारत के अलावा तुर्की का नाम भी इस सूची  से बाहर कर दिया है । इससे पहले बीते साल ट्रंप ने भारत से आयातित 50 उत्पादों पर शुल्क मुक्त की रियायत खत्म  कर दी थी ।  अमेरिका ने अप्रैल , 2018 में जीएसपी के लिए तय शर्तो की  समीक्षा शुरू की थी ।

 क्या है ? 
 
 जीएसपी सूची में शामिल देशों के हजारों उत्पादों को अमेरिका  में कर - मुक्त छूट की अनुमति देकर आर्थिक विकास को । बढ़ावा देने के लिए लाया गया था । → अमेरिका ने जीएसपी की शुरुआत 1 जनवरी , 1976 में विकासशील देशों में आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के लिए की थी । | अभी तक लगभग 129 देशों को करीब 4 , 800 गुड्स के लिए जीएसपी के तहत फायदा मिला है । 2 सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली विकसित देशों ( वरीयता देने वाले  या दाता देश ) द्वारा विकासशील देशों ( वरीयता प्राप्तकर्ता या लाभार्थी देश ) के लिये विस्तारित एक अधिमान्य प्रणाली है।
 
 लाभ 

 इस प्रणाली के तहत विकासशील देशों को विकसित देशों के बाजार में कुछ शर्तों के साथ न्यूनतम शुल्क या शुल्क मुक्त प्रवेश मिलता है ।।इसके जरिये विकसित देश विकासशील देशों और अल्प विकसित देशों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं ।2 नामित लाभार्थी विकासशील देशों के लगभग 30 - 40 प्रतिशत उत्पादों के लिये वरीयता शुल्क मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है ।भारत भी एक लाभार्थी विकासशील देश है ।ऑस्ट्रेलिया , बेलारूस , कनाडा , यूरोपीय संघ , आइसलैंड , जापान , कजाकिस्तान , न्यूजीलैंड , नॉर्वे , रूसी संघ , स्विट्जरलैंड , तुर्की और संयुक्त राज्य अमेरिका GSP वरीयताएँ देते हैं ।भारत पर प्रभाव ।अमेरिका के जीएसपी कार्यक्रम में शामिल लाभार्थी देशों को उत्पादों पर अमेरिका में कोई आयात शुल्क नहीं देना पड़ता ।इस कार्यक्रम के तहत भारत को 5 .6 अरब डॉलर ( 40 हजार करोड़ रुपये ) के निर्यात पर छूट मिलती है ।कार्यक्रम से बाहर होने के बाद भारत को ये लाभ नहीं मिलेगा ।साल 2017 में भारत के साथ अमरीकी सामान और सेवा व्यापार घाटा 27 .3 बिलियन डॉलर ( 2730 करोड़ डॉलर ) का था ।भारत अमेरिका के लिए 11 वाँ सबसे बड़ा व्यापार अधिशेष देश है ।

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