20 फरवरी 2019 को नई दिल्ली में भारत के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय एवं कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलांबिया के बीच 'वानिकी विज्ञान' पर अगले 10 वर्षों के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया ।
मुख्य बिंदु----
दोनों संस्थान अपने संबंधित संगठनों जैसे भारतीय वन की अनुसंधान और शिक्षा परिषद, भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय वन सर्वेक्षण, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी और वन शिक्षा निदेशालय, देहरादून तथा यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलांबिया, कनाडा के माध्यम से वानिकी विज्ञान क्षेत्र में भविष्य में सहयोग के अवसरों की तलाश करेंगे ।
सहयोग के लिए सूचीबद्ध क्षेत्र काष्ठ विज्ञान (Wood Science), वन संसाधन प्रबंधन जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और वन अनुवांशिकी और प्रजनन, वन्यजीव, परिस्थितिकी , रिमोट सेंसिंग, कीट वनस्पतियों और जीव जंतुओं का संरक्षण, जैव प्रौद्योगिकी, जैव- ऊर्जा, जैव - अर्थव्यवस्था आदि हैं ।
समझौते के तहत इंटर्नशिप फोरम छात्रवृत्ति के अवसरों के माध्यम से छात्रों, शोधकर्ताओं संकाय सदस्यों और पोस्ट - डॉक्टरल फेलो (Post- doctoral fellow) का आदान - प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा विकास, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन मापदंडो के लिए वन स्टॉक के तहत स्थाई अवलोकन प्रतिरूप भूखंड ( Permanent observational sample post) के आकड़े संग्रह और विश्लेषण पर क्षमता निर्माण विकसित किया जाएगा ।
साथ ही रिमोट सेंसिंग और फील्ड इंवेंट्री ( field inventory) आंकड़ों के संयोजन के लिए उपयुक्त प्रोटोकॉल विकसित करने पर प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा ।
जीके फैक्ट_______
ब्रिटिश कोलांबिया विश्वविद्यालय अनुसंधान और शिक्षण के लिए वैश्विक केंद्र है, जो लगातार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक है यह कनाडा के वैंकूवर में स्थित है ।