पल्स पोलियो कार्यक्रम 2019

  हाल ही में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर देशव्यापी पल्स पोलियो कार्यक्रम - 2019 की शुरूआत की । 

  देश से पोलियो उन्मूलन के लिए टीकाकरण अभियान के तहत 5 वर्ष से कम उम्र के 17 करोड़ से ज्यादा बच्चों को पोलियो की दवा दी जाएगी ।

 टीकाकरण अभियान का उद्देश्य बच्चों को पहले की अपेक्षा 5 से अधिक बीमारियों से पूरी तरह सुरक्षित करना है । इसके लिए न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट , रोटावायरस और मिजिल्स रूबेला जैसे नए टीके शुरू किए गए हैं । 
 
  सरकार ने बच्चों को अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए इंजेक्शन के जरिये पोलियो की दवा देने के लिए अपने नियमित टीकाकरण अभियान में इनएक्टिवेटेड पोलियो टीका को भी शामिल किया है । भारत सरकार ने सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान के साथ ही देश में मिशन इंद्रधनुष की भी शुरूआत की है ताकि 90 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को टीकाकरण के दायरे में लाने का । लक्ष्य प्राप्त किया जा सके ।
  
 मिशन इंद्रधनुष के तहत अब तक 3.39 करोड़ बच्चों और 87 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है । सरकार के अनुसार टीकाकरण अभियान की मजबूती से देश में शिशु मृत्यु दर काफी घट गई है । वर्ष 2014 में जहाँ ये प्रति हजार 39 शिशु थी , वहीं 2017 में | यह घटकर प्रति हजार 32 शिशु रह गई है । 
 
 पोलियो कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य सरकारें । विश्व स्वास्थ्य संगठन , यूनिसेफ और रोटरी इंटरनेशनल आदि जैसे संगठन देश को पोलियो मुक्त रखने के लिए प्रयासों में लगी हुई हैं ।

पोलियो या पोलियोमेलाइटिस एक संक्रामक रोग है जो आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित तरीके जैसे कि कफ , मल , मूत्र , दूषित जल तथा खाद्य पदार्थों के माध्यम से फैलता है । पोलियो वैक्सीन - IPV1 , IPV2 , IPV3 वैक्सीन ( Polio vaccine IPV ) पोलियो का टीका शिशु को पोलियो के संक्रमण के खतरे से बचाता है ।

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