ई-धरती ऐप

 हाल ही में आवास एवं शहरी मंत्रालय ने ई - धरती ऐप लॉन्च किया है ।  यह एक नई ऑनलाइन प्रणाली है जहाँ सभी तीन मुख्य मॉड्यूल यानी परिवर्तन , प्रतिस्थापन और दाखिल खारिज ( Conversion , | Substitution and Mutation ) को ऑनलाइन किया गया है । 

 ई - धरती जियो पोर्टल एक अन्य महत्वपूर्ण एप्लीकेशन है जिस  पर एल एंड डीओ ( L & DO ) ने काम करना शुरू किया है । यह  जीआईएस आधारित ( 65000 संपत्तियों की मैपिंग पर आधारित  है । इस एप्लीकेशन के माध्यम से एल एंड डीओ के तहत प्रत्येक सरकारी संपत्ति , चाहे वह आवंटित हो या खाली पड़ी  हो , को ई - धरती जियो पोर्टल नामक पोर्टल पर मैप किया  जाना प्रस्तावित है । 
 
 भूमि एवं विकास कार्यालय ( एल एंड डीओ ) उन सार्वजनिक आवेदनों को निपटाता है जो मुख्य तौर पर लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में परिवर्तन , कानूनी उत्तराधिकारियों के नाम का प्रतिस्थापन और खरीददार के नाम पर दाखिल खारिज आदि से संबंधित होते हैं । एल एंड डीओ में भुगतान प्रणाली को भी पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है । जनता अब एल एंड डोओ वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकती है । 
 
 अतः अब लोगों को आवेदन जमा करने और उसके बाद की प्रक्रियाओं एवं पूछताछ के लिए कार्यालय में आने की जरूरत नहीं होगी । व्यवस्था को कहीं अधिक पारदर्शी , जवाबदेह , कुशल और प्रभावी बनाने के लिए इस कार्यालय द्वारा तमाम पहल की गई हैं , ताकि आम जनता , विशेषकर वृद्ध , गरीब , बीमार और  वंचित व्यक्तियों के साथ - साथ महिलाओं और विधवाओं को भी इसका फायदा मिल सके।
 
 इस पोर्टल के माध्यम से संपत्ति के पट्टेदार अपनी संपत्ति  के मानचित्र सहित मूल विवरण देख सकेंगे । पट्टेदार को इस कार्यालय से उनकी संपत्ति के बारे में एक संपत्ति कार्ड भी  जारी किया जा सकता है बशर्ते वह इसकी माँग करे । पूरी दिल्ली में जीआईएस आधारित मानचित्र पर 35000 से  अधिक संपत्तियों की रूपरेखा तैयार की गई है ।
 
 इस एप्लीकेशन से न केवल जनता को लाभ होगा बल्कि  सरकार को भी खाली पड़ी संपत्तियों की जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी । साथ ही इसके जरिये पता लगाया जा सकता है कि खाली पड़ी सरकारी संपत्तियों पर किसी तरह का अतिक्रमण आदि तो नहीं हो रहा ।

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