पादप पोषण

* हरे पौधे स्वपोषी होते हैं अर्थात यह कार्बनिक पदार्थों का निर्माण स्वयं करते हैं। * पौधों द्वारा जल अकार्बनिक तत्व भूमि से प्राप्त किया जाता है तथा अकार्बनिक तत्व भूमि में खनिजों के रूप में उपस्थित होते हैं। * यह खनिज तत्व या पोषक तत्व कहलाते हैं तथा इनका पोषण खनिज पोषण कहलाता है।

* पौधों को अपना जीवन चक्र नियमित रूप से पूरा करने, विकार रहित रहने तथा समुचित विकास के लिए 17 अनिवार्य तत्व को चिन्हित किया गया है। इनमें से नौ तत्वों की आवश्यकता बृहद मात्रा में होती है तथा यह दीर्घ मात्रा पोषक तत्व कहलाते हैं। * जबकि 8 तत्वों कीी आवश्यकता लघु मात्रा में होती है जिन्हें सूक्ष्म पोषक या लघु मात्रा पोषक तत्व कहते हैं। सूक्ष्म पोषक तत्वों की सांद्रता प्लाजा 1 पीपीएम से कम होती है। 

* जाइलम को जल संवहन ऊतक भी कहते हैं इसका प्रमुख कार्य अवशोषित जल तथा खनिज लवणों को विभिन्न भागो तक पहुंचाना है। 

* फ्लोईएम को बास तु तक भी कहते हैं इसका प्रमुख कार्य पौधे के हरे भागों को निर्मित भोज्य पदार्थों को दूसरे भागों में स्थानांतरित करना है।

* अमरबेल एक पूर्ण स्तंभ परजीवी आवृत्तबीजी पौधा है इसका तना पतला दुर्बल तथा पीले रंग का होता है। इसका तना पोषक के चारों ओर लिफ्ट कर परजीवी मूल द्वारा भोजन खनिज लवण और जल प्राप्त करता है।

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