भारतीय संविधान Easy Notes - 26 (भारतीय संविधान का निर्माण, प्रकृति एवं उसकी विशेषताएं)

क्रमशः..

Day - 26

  • भारतीय संविधान के निर्माण के लिए तीन वाचन, 11 अधिवेशन और 105 बैठके हुई। संविधान सभा में संविधान का प्रथम वाचन 4 नवम्बर, 1948 को प्रारम्भ हुआ, जो 9 नवम्बर, 1948 तक चला। संविधान पर दूसरा वाचन 15 नवम्बर, 1948 को प्रारम्भ हुआ, जो 17 अक्टूबर, 1949 तक चला। इस दौरान संविधान के प्रत्येक खण्ड पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। संविधान सभा में संविधान का तीसरा वाचन 14 नवम्बर, 1949 को प्रारम्भ हुआ जो 26 नवम्बर, 1949 को पूरा हुआ। इस दिन संविधान सभा के कुल 299 सदस्यों में से 284 सदस्य उपस्थित थे जिन्होनें संविधान पर हस्ताक्षर किये। इस प्रकार संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया।
  • संविधान निर्मान की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष 11 मास तथा 18 दिन लगे तथा संविधान के प्रारुप पर कुल 114 दिन बहस हुई।
  • डॉ. बी.आर. अम्बेडकर को भारतीय संविधान का पिताकहा जाता है। डॉ. अम्बेडकर ने संविधान सभा द्वारा निर्मित संविधान को पारित करने का प्रस्ताव रखा और यह प्रस्ताव 26 नवम्बर, 1949 को पारित हो गया। इसी तिथि को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार कर लिया जिस कारण 26 नवम्बर, 1949 को संविधान के ‘ग्रहण की तिथि’ (Date of Adoption) कहा जाता है|
  • 26 नवम्बर को प्रत्येक वर्ष ‘विधि दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
  • नागरिकता, निर्वाचन और अन्तरिम संसद से सम्बन्धित उपबन्धों तथा अस्थायी और संक्रमणकालीन उपबनन्ध को 26 नवम्बर, 1949से प्रभावी कर दिया गया। इस तिथि का उल्लेख संविधान की प्रस्तावना में किया गया है क्योंकि इसी तिथि को भारत के लोगों ने भारतीय संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया।
  • संविधान के शेष उपबन्ध यानि सम्पूर्ण संविधान 26 जनवरी, 1950 से प्रभावी हो गया जिसे संविधान के ‘प्रवर्तन की तिथि’ कहा जाता है। इसी तिथि को भारत को गणतंत्र घोषित किया गया।
  • संविधान सभा की अन्तिम बैठक में (24 जनवरी, 1950) राष्ट्रपति का चुनाव तथा राष्ट्रगान को स्वीकार किया गया। संविधान सभा के सदस्यों ने 24 जनवरी, 1950 को संविधान पर हस्ताक्षर कर इसी दिन संविधान सभा को विघटित करके इसे ‘अन्तरिम संसद’ के रूप में परिवर्तित कर दिया गया।
  • भारतीय संविधान के निर्मान पर लगभग 64 लाख रूपये खर्च हुए। किन्तु संविधान सभा को कुछ विद्वान सम्प्रभु नही मानते क्योंकि इसका निर्मान ब्रिटिश सरकार की योजना के अनुसार हुआ था।
  • भारतीय संविधान का एक प्रमुख स्त्रोत ‘भारत सरकार अधिनियम, 1935’ है। भारतीय संविधान में इस अधिनियम के सर्वाधिक प्रावधान (लगभग 75 प्रतिशत) को रखा गया है।
  • यद्यपि संविधान को 26 नवम्बर, 1949 को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया, तब इसमें कुल 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियां थीं, लेकिन संविधान के कुल 15 अनुच्छेदों तथा 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 380, 391, 392 और 393 को उसी दिन अर्थात 26 नवम्बर, 1949 को प्रवर्तित कर दिया गया। संविधान के शेष भाग को 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया क्योंकि  26 जनवरी, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी। 26 जनवरी को स्वतंत्रता के पूर्व तक स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता था।
  • संविधान सभा की अन्तिम बैठक 24 जनवरी, 1950 को हुई और उसी दिन संविधान सभा द्वारा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया।

जारी..

मिलते है हम अगले दिन, इसी विषय पर फिर  चर्चा करने के लिये..

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