भारत में चुनावों का आयोजन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत बनाये गये भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है । चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद से परिणाम घोषित होने तक किसी भी अदालत के द्वारा इसमें किसी प्रकार का कोई हस्ताक्षेप नहीं किया जा सकता । इसके अतिरिक्त , इस दौरान चुनाव आयोग को बड़ी मात्रा में अधिकार सौंप दिए जाते हैं और जरुरत पड़ने पर यह सिविल कोर्ट के रुप में भी कार्य कर सकता है ।
भारत में राज्य विधानसभाओं तथा आम चुनावों में काफी समय लगता है । जहाँ विधानसभा के लिए यह अवधि कम से कम एक महीने की होती है , वहीं आम चुनावों के लिए यह अवधि और अधिक बढ़ जाती है । मतदाता सूची का प्रकाशन एक महत्वपूर्ण चुनाव पूर्व प्रक्रिया है और यह भारत में चुनाव के संचालन के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है । भारतीय संविधान में एक व्यक्ति के वोट देने की योग्यता को निर्धारित किया गया है । कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक है और जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है । सामान्यतः उम्मीदवारों नामांकन की अंतिम तिथि से एक सप्ताह पहले तक मतदाता पंजीकरण के लिए अनुमति प्रदान की गई है ।