द्रव्य
• दुव्य वह है , जो स्थान घेरता है तथा जिसका कुछ द्रव्यमान ( Mass ) होता है , जैसे — लोहा , बर्फ , लकड़ी , पानी , आदि ।
• यह पाँच अवस्थाओं में पाया जाता है , जो निम्न हैं — ठोस , द्रव , गैस , प्लाज्मा तथा बोस - आइन्सटीन कण्डनसेट । इनमें से प्रथम तीन अवस्थाएँ सामान्य रूप से पाई जाने वाली अवस्थाएँ हैं ।
• ठोस का आयतन व आकार निश्चित होते हैं । जैसे — बर्फ , लकड़ी , आदि ।
• द्रव का आयतन निश्चित परन्तु आकार अनिश्चित होता है, जैसे - जल , तेल , आदि ।
• गैस का आयतन व आकार दोनों ही अनिश्चित होते हैं , जैसे - जलवाष्प , हवा , आदि ।
• प्लाज्मा तथा बोस - आइन्सटीन कण्डनसेट केवल विशिष्ट परिस्थितियों में ही बनते हैं ।
• सूर्य एवं तारे प्लाज्मा अवस्था में पाए जाते हैं ।
• ठोस से द्रव में परिवर्तन को गलन कहते हैं ।
• साधारण वायुमण्डलीय दाब पर जल का गलनांक ( हिमांक ) 32°F या 0°C होता है ।
• द्रव से गैस ( वाष्प ) में परिवर्तन वाष्पीकरण कहलाता है। • गैस का सीधे ठोस में परिवर्तन , निक्षेपन या डिपोज़िशन कहलाता है ।
• ठोस से सीधे गैस में परिवर्तन ऊर्ध्वपातन ( Sublimation ) कहलाता है, जो कपूर नैफ्थेलीन , अमोनियम क्लोराइड , ठोस कार्बन डाइऑक्साइड आयोडीन , आदि द्वारा प्रदर्शित होता है ।