उत्सर्जन तन्त्र ( Excretory System )
जीवों के शरीर में उपापचयी क्रियाओं के फलस्वरूप बने विषैले अपशिष्ट पदार्थों ( Waste products ) के निष्कासन को उत्सर्जन ( Excretion ) कहा जाता है । इससे सम्बन्धित महत्त्वपूर्ण तथ्य हैं ।
• नाक , फेफड़े , त्वचा , यकृत , बड़ी आँत एवं वृक्क ( Kidney ) मनुष्य के उत्सर्जी अंग हैं ।
• श्वसन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन फेफड़े द्वारा होता है । जल का उत्सर्जन वृक्क को छोड़कर त्वचा द्वारा भी सम्पन्न होता है । ठोस अपशिष्ट भोजन का अपचित भाग बड़ी आँत से होते हुए गुदा मार्ग द्वारा उत्सर्जित होता है ।
• तरल पदार्थों के उत्सर्जन के लिए जटिल क्रिया सम्पादित होती है , जिसका सम्पादन वृक्क द्वारा होता है । शरीर में वृक्क की संख्या दो होती हैं । यदि इनमें से एक वृक्क कार्य करना बन्द कर दे , तो दूसरा वृक्क अकेले ही पूरा कार्य कर सकता है ।
• वृक्क की कार्यात्मक इकाई को नेफ्रॉन ( Nephron ) कहा जाता है ।
• वृक्क के काम न करने के कारण मनुष्य को जीवित रखने के लिए अपोहन ( Dialysis ) नामक आपात सेवा प्रदान की जाती है ।
• 24 घण्टे में लगभग 2 लीटर मूत्र का उत्सर्जन होता है । • शरीर में कैल्शियम ऑक्सेलेट की बहत अधिक मात्रा उत्सर्जन तंत्र में ' पथरी का कारण होती है ।