सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2018 के दौरान दिए महत्त्वपूर्ण फ़ैसले (भाग - 08)

एलजी बनाम दिल्ली सरकार  (Govt. of NCT of Delhi V. Union of India & Anr.)

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा कि दिल्ली के उप राज्यपाल को दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल की सलाह के अनुरूप कार्य करना होगा। सिर्फ़ भूमि, पुलिस और आम व्यवस्था के मामले में ही उसको अपने विवेक से निर्णय लेने का अधिकार है। पीठ ने कहा कि एलजी हर मामले में अपनी टाँग नहीं अड़ा सकता है।हालाँकि, कोर्ट ने कहा कि एलजी को सरकार के निर्णय के बारे में बताना ज़रूरी है पर हर मामलों में एलजी की अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं हैं। कोर्ट ने अपने निर्णय में यह भी कहा कि दिल्ली 'राज्य' नहीं है और उसको संविधान के तहत विशेष अधिकार मिला हुआ है।

छह माह से अधिक का स्थगन नहीं  (Asian Resurfacing of Road Agency Pvt. Ltd.& Anr. VS. Central Bureau of Investigation)

न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यों की पीठ ने कहा कि ऐसे सभी दीवानी और आपराधिक मामले में जिन पर स्थगन लगा हुआ है, आज से छह माह पूरे होने पर यह स्थगन स्वतः समाप्त हो जाएगा बशर्ते कि अपवाद स्वरूप किसी मामले में इसे आगे बढ़ाने का आदेश ना दिया हो।पीठ ने यहभी कहा कि अगर किसी मामले में भविष्य में स्थगन दिया जाता है तो यह भी छह महीने की अवधि के बीतने के साथ ही समाप्त हो जाएगा। 

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