लोहा इस्पात उद्योग
यह एक आधारभूत उद्योग है जिसका विकास अन्य उद्योगों के लिए आवश्यक है । यह एक बार ह्रास उद्योग है। => इस उद्योग के लिए प्रमुख कच्चे माल है - लौह अयस्क कोयला => पहला कारखाना 1874 में kulti (W.B) में बना कर Iron works की स्थापना की गई । =>निजी क्षेत्र का पहला कारखाना 1960 में साकची (जमशेदपुर) में जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित Tata Iron & Steel Company (Tisco) है।
=>भारत में प्रमुख लौह इस्पात संयंत्र => इस्पात संयंत्र सहयोगी देश
->Bhilai(Chattisgarh) Russia. -> Durgapur (W. Bengal). Britain. -> Rourkela (Odisha). Germany. -> Bokaro(Jharkhand). Russia =>Poco(Odisha) - में लगाया जा रहा है साउथ कोरिया के सहयोग से लगने के बाद या भारत का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र ( उड़ीशा में विवादित) परंतु अब महाराष्ट्र में लग रहा है ।
=> SAIL -> (Steel Authority of India) =>. 1973 सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत लोहा इस्पात उद्योग के विकास के लिए SAIL की स्थापना हुई । => वर्तमान में Burnpur ( IISCO)- 1918, दुर्गापुर , राउरकेला, बोकारो , बद्रावती (कर्नाटक) [VISW] एवं झेलम के कारखाने अंतर्गत आते हैं। => ISCO - Indian Iron and Steel Company (1918 में Burnpur ) => VISL - Vishwayasurya Iron and steel Ltd. ( 1923 में भद्रावती कर्नाटक)