पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए बंगला नहीं (Lok Prahari V. State of Uttar Pradesh & Ors.)
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य मंत्रियों के वेतन, भत्ते और अतिरिक्त प्रावधान, अधिनियम की धारा 4(3) में किए गए संशोधन को ग़ैर क़ानूनी क़रार दे दिया और पूर्व मुख्यमंत्रियों को इसके तहत बंगला देने के प्रावधान को समाप्त कर दिया। कोर्ट ने कहा की देश में किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को बंगला प्राप्त करने का हक़ नहीं है।
भीमा कोरेगाँव (Romila Thapar& Ors. Vs Union of India & Ors.)
सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यों की पीठ ने भीमा कोरेगाँव मामले में एसआईटी गठित करने की माँग को ख़ारिज कर दिया और कहा कि ये गिरफ़्तारियाँ सरकार की आलोचना की वजह से नहीं हुई हैं। इस मामले का फ़ैसला मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने किया जिसके अन्य सदस्य थे न्यायमूर्ति एएम खानविलकरऔर डीवाई चंद्रचूड़। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने बहुमत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपना फ़ैसला दिया। इस मामले में याचिका प्रसिद्ध इतिहासकार रोमिला थापर ने सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वर्नॉन गान्सॉल्वेज़, अरुण फरेरा पी वरवर राव और अधिवक्ता सुधा भारद्वाज की गिरफ़्तारीके ख़िलाफ़ दायर किया था।
'आरोपी नहीं चुनेंगे, कौन जांच करे'
सुप्रीम कोर्ट ने 2-1 के बहुमत से दिए फैसले में ऐक्टिविस्ट्स की इस दलील को खारिज किया कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक असहमतियों की वजह से की गई थी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के साथ ही जस्टिस खानविलकर ने कहा कि ये गिरफ्तारियां राजनीतिक असहमति की वजह से नहीं हुई हैं|