रामा राघोबा राणे का जन्म 26 जून 1918 को कर्नाटक के धारवाड़ में हुआ था। वर्ष 1940 मे वे मुंबई इंजीनियर्स में शामिल हो गए। ट्रेनिंग के पश्चात वे 26 इन्फैंट्री डिवीजन की 28 फील्ड कंपनी में आ गए। वर्ष 1947-1948 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सेकंड लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे अपनी कंपनी सहित जम्मू-कश्मीर के नौशेरा राजौरी सेक्टर में तैनात थे। 8 अप्रैल 1948 को उन्हें नौशेरा राजौरी मार्ग में बिछी बारूदी सुरंग को हटाने का कार्य मिला। सेकंड लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे ने इस कार्य को प्रारंभ करते हुए तुरंत अपने साथियों के साथ कार्य आरंभ कर दिया। तभी शत्रु ने उन पर हमला बोल दिया।
सेकंड लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे ने अपना रास्ता बदल कर अपने दल को आगे बढ़ा लिया। इस प्रकार के अनेक अवरोध तथा गोलियों की बौछारओं के बीच उन्होंने 3 दिन में यह कार्य पूरा कर दिया। इस प्रकार वे अपने दुश्मनों को चकमा देकर अपने साथियों को बचा लिया और अपने काम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस धैर्य पूर्ण था बीरता पूर्ण कार्य के लिए उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान परम वीर चक्र के सम्मान से नवाजा गया। लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे को 26 जनवरी 1950 को परम वीर चक्र प्रदान किया। गया और 11 जुलाई 1994 को उनका निधन हो गया था।