अधिभार-
यह कर के ऊपर लगने वाला कर है। भारत में 10 लाख या इससे अधिक आय वालों पर 10% की दर से अधिक भार लगाया जाता था। इस वर्ष 2009-10 में सबप्राइम संकट से उत्पन्न विश्वव्यापी मंदी से बाहर निकलने के लिए दिए गए आर्थिक पैकेज के तहत समाप्त कर दिया गया है।
उपकर-
यह कर भी कर के ऊपर लगने वाला एक कर है। इससे मिलने वाली राशि किसी उद्देश्य विशेष पर ही खर्च की जाती है। जैसे- वर्तमान में भारत में शिक्षा के नाम पर 3% कर शेष लगाया जा रहा है।
ग्रीन सेस-
यह कर पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर लगाया जाता है। भारत में सर्वप्रथम गुजरात में वर्ष 2011-12 में 2% का ग्रीन सेस लगाया गया था।
फ्रिंज बेनिफिट टैक्स (एफबीटी)-
वेतन के अतिरिक्त मिलने वाले भक्तों एवं सुविधाओं का मूल्यांकन करके उस पर अलग से 30% कर लगाने का प्रावधान किया गया। वर्ष 2009-10 के बजट में मंदि से बाहर निकलने के लिए दिए गए पैकेज में इसे समाप्त कर दिया गया।
उपहार कर-
भारत में उपहार कर सर्वप्रथम कॉल्डर के सुझाव पर वर्ष 1958 में लागू किया गया था। जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया। पुनः वर्ष 2004-05 में उपहार कर केो लागू किया गया। वर्तमान में गैर-रिश्तेदारों से ₹50,000 से अधिक का उपहार मिलने पर 30% आय कर के रूप में देय होगा।