बैंकिंग कैश ट्रांजैक्शन टैक्स (BCTT)-
बैंकों से नगद पैसा निकालने पर लगने वाला कर बैंकिंग कैश ट्रांजैक्शन टैक्स कहलाता है। यह कर 1 अप्रैल 2019 से पूरी तरह से हटा लिया गया था।
संपत्ति कर-
भारत में संपत्ति कर सर्वप्रथम वर्ष 1957 में लगाया गया था। संपत्ति कर वह कर है जो व्यक्ति की संपत्ति का वार्षिक मूल्यांकन करके एकमुस्त लगाया जाता है।
न्यूनतम वैकल्पिक कर-
शुून्य कर कंपनी ऐसी हो कंपनी होती है जिसका पुस्तक केा लाभ तो धनात्मक होता है परंतु विभिन्न योजनाओं में निवेश के कारण उसका कर योग्य लाभ शून्य हो जाता है। शून्य कर कंपनी को कर दायरे में लाने के उद्देश्य से वर्ष् 1996-97 में न्यूनतम वैकल्पिक कर की व्यवस्था लाई गई। वर्तमान में इस की दर 18.5% है।
मृत्यु कर-
मृतक द्वारा छोड़ी गई संपत्ति को उसके उत्तर- अधिकारियों को वितरित करते समय लगने वाले कर को मृत्यु का कहा जाता है।
व्यय कर-
व्यय कर का सुझाव प्रोफेसर कॉल्डर ने दीया था। भारत में एकमात्र होटलों को लेकर लगने वाले व्यय कर को बजट 2003-04 में समाप्त कर दिया गया था।
NOTE- (गार)
विदेशी निवेश के मामले में कर-वंचना पर अंकुश के लिए सामान्य कर परिवर्जनरोधी नियमों (गार) का कार्यान्वयन 1 अप्रैल 2016 से प्रारंभ हुआ। इस मामले में गठित विशेषज्ञ समिति शोम समिति कि प्रमुख सिफारिशों से कुछ बदलाव के साथ स्वीकार करते हुए सरकार ने जनवरी 2013 में इनका कार्यान्वयन 2 वर्ष के लिए हटाने का फैसला किया था। गार का प्रमुख उद्देश्य विदेशी निवेशकों को ऐसे रास्ते अपनाने से रोकना था जिनका मुख्य ध्येय केवल कर लाभ प्राप्त करना है।