अच्छा अभिशासन वर्तमान समय की सरकार एवं प्रशासन की मांग है। सामान्यतयः शासन स्वतः अपने आप मे अच्छे अभिशासन की विचारधारा को सम्मिलित करता है, बशर्ते वह शासन लोकहित के मद्देनजर हो। परंतु जब शासन के द्वारा ऐसा करना संभव न हो तो ऐसी स्थिति में सुशासन की अवधारणा को बल मिलना स्वाभाविक है।
अच्छा अभिशासन क्या है? इसकी कोई सर्वमान्य परिभाषा नही है क्योंकि प्रत्येक देश अपने अपने सामाजिक , राजनीतिक, सांस्कृतिक, एवं आर्थिक परिदृश्य के तहत इसका विश्लेषण करता है । यहाँ तक कि एक ही देश मे समय के परिवर्तन के साथ अच्छे अभिशासन की मान्यताओं में बदलाव आना स्वाभाविक है।जैसे- भारत मे लोक उपक्रम से निजीकरण की दिशा में ,केन्द्रीयकरण से विकेन्द्रीकरण की दिशा में , गोपनीयता के संस्कृति से पारदर्शिता की संस्कृति में बदलाव ।
विश्व बैंक ने 1992 में reinventing Governance में भारत जैसे विकासशील समाजो को ऋण देने के संदर्भ में कुछ आवश्यक शर्ते रखी,उन्ही शर्तो को Good Governance नाम दिया गया। विश्व बैंक द्वारा वर्णित विशेषताओ का केंद्रबिंदु राजनीतिक एवं प्रशासनिक पहलू है जो कि शासन के दो मौलिक आधार स्तम्भ है।
कौन - कौन से ऐसे बिंदु है जो विश्व बैंक ने शर्तो के रूप में रखे है । इसकी चर्चा अगले पार्ट में करेंगे-