ध्रुव से भूमध्य रेखा की ओर बहने वाली जलधारा ठंडी जलधारा होती है जबकि भूमध्य रेखा से ध्रुव की ओर बहने वाली जलधारा गर्म जल धारा के अंतर्गत आती है क्योंकि ध्रुव भूमध्य रेखा की अपेक्षा ठंडे होते हैं।
भूमध्य रेखा- ये पृथ्वी को दो बराबर भागो में विभाजित करती है, अतः इसे 0° अक्षांश भी कहा जाता है। इसके समानांतर खींची गई सभी रेखा अक्षांश रेखा कहलाती है। भूमध्य रेखा द्वारा विभाजित पृथ्वी के ऊपरी भाग को उत्तरी गोलार्ध तथा नीचे वाले हिस्से को दक्षिणी गोलार्ध कहते है । उत्तरी गोलार्ध में बहने वाली जल धारा clockwise और दक्षिणी गोलार्ध में बहने वाली जल धारा anticlockwise होती है।
मैंप में हिंद महासागर दक्षिणी गोलार्ध में ऑस्ट्रेलिया, एशिया तथा अफ्रीका के मध्य में स्थित है। भूमध्य रेखा (0° अक्षांश रेखा) से जैसे-जैसे नीचे आते हैं यह 0° से 10°, 15° ऐसे बढ़ता जाता है, ऊपर जाने पर भी यही प्रक्रिया होती है। दक्षिणी गोलार्ध में
0° अक्षांश से 10° अक्षांश के मध्य जो जल धारा पश्चिम से पूर्व की ओर चलती है, दक्षिण विषुवत जलधारा कहलाती है।
आगे बढ़ने पर अफ्रीका महाद्वीप होने के कारण यह जलधारा दो भागों में विभाजित हो जाती है। ऊपर की ओर अगुलहास जलधारा तथा नीचे की ओर बहने वाली जलधारा मोजाम्बिक जलधारा कहलाती है। फिर ये धारा आगे बढ़कर पूर्व दिशा की ओर बढ़ जाती है और यह दक्षिणी हिन्द प्रवाह कहलाती है और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच कर यह पुनः उत्तर की ओर मुड़ जाती है इसे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया जलधारा कहा जाता है।
उपर्युक्त दी गई जलधाराओं में दक्षिणी विषुवत धारा, अगुलहास धारा, मोजांबिक धारा गर्म है, जबकि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया धारा की दिशा ध्रुव से भूमध्य रेखा की ओर है अतः ये ठण्डी जलधारा है।