भूमध्य रेखा प्रशांत महासागर को दो भागों में विभाजित करती है। प्रशांत महासागर के एक ओर उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका तो दूसरी ओर एशिया एवं ऑस्ट्रेलिया है। अतः इसके मध्य में प्रशांत महासागर स्थित है।
उत्तरी गोलार्ध में भूमध्य रेखा के 0° से 10° अक्षांश तक जो जल धारा बहती है उसे उत्तरी विषुवत जलधारा कहते हैं यह गर्म जलधारा होती है। आगे बढ़ने पर एशिया की स्थित होने के कारण यह ऊपर की ओर मुड़ जाती हैं ये क्यूरेशिवो जल धारा कहलाती है। यह भी गर्म जलधारा होती है।
थोड़ा ऊपर जाने पर 30 अंश उत्तरी अक्षांश के पास क्यूरोसिवो से एक शाखा अलग होकर जापान सागर में चली जाती है जो पश्चिमी जापान तट से होकर प्रवाहित होती है इसे सुशिमा जलधारा कहते हैं।
और क्योरेशिवो जलधारा जब आगे बढ़ती है तो ऊपर से ध्रुव की ओर से ओयेशिया जलधारा आती है जो क्योरेसिवो जलधारा से मिलती है। ओयेशिया जलधारा ध्रुव से भूमध्य रेखा की ओर आती है अतः यह ठंडी जलधारा है। अब यह ठंडी और गर्म जलधारा मिलकर आगे बढ़ती है तो इसे उत्तरी प्रशांत प्रवाह कहते हैं।
प्रशांत जल प्रवाह के आगे बढ़ने पर क्योराइल जलधारा ध्रुव से भूमध्य रेखा की ओर आती है और इसमें मिल जाती है।
पुनः प्रशांत जल प्रवाह के आगे बढ़ने पर यह दो धाराओं में विभाजित हो जाती है एक धारा अलास्का की ओर चली जाती है उसे अलास्का धारा कहते हैं। तथा एक धारा दक्षिण की ओर चली जाती है, उसे कैलीफोर्निया जलधारा की संज्ञा दी जाती है। कैलिफोर्निया जलधारा की प्रवाहित होने की दिशा ध्रुव से भूमध्य रेखा की ओर है अतः यह ठंडी जलधारा है।