विश्व बैंक के नए अध्यक्ष

अमेरिकी सरकार ने 05 अप्रैल 2019 को अमेरिकी वित्त विभाग के डेविड माल्पास को विश्व बैंक के 13वें अध्यक्ष के तौर पर चुना है।विश्व बैंक के कार्यकारी बोर्ड ने आम सहमति से डेविड माल्पास को विश्वबैंक के अध्यक्ष के रूप में चयन किया।डेविड माल्पास फिलहाल वित्तविभाग में अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री है. उनका कार्यकाल 09 अप्रैल 2019 से पांच साल के लिये होगा।विश्वबैंक का अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक तथा अंतरराष्ट्रीय विकास संघ के निदेशक मंडल के अध्यक्ष होते हैं।

विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने हाल ही में अचानक इस्तीफा दे दिया था।वे एक दक्षिण कोरियन-अमेरिकन डॉक्टर एवं मानवविज्ञानी हैं। वे 01 जुलाई 2012 को विश्व बैंक के 12वें निदेशक बने थे। इससे पहले वे हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में विश्व स्वास्थ्य और सामाजिक चिकित्सा विभाग में निदेशक पद पर कार्यरत थे।

माल्पास विश्व बैंक में जवाबदेही के मजबूत समर्थक रहे हैं।अब विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों के बोर्ड ने माल्पास को नए अध्यक्ष के तौर पर मंजूरी दे दी है। अमरीका विश्व बैंक का सबसे बड़ा शेयरधारक है और उसके पास 16 फीसदी वोटिंग अधिकार है।माल्पास साल 2016 में अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव में ट्रंप के आर्थिक सलाहकार के रूप में काम किया था।उनका जन्म 8 मार्च 1956 को हुआ था। ट्रंप द्वारा नामित मालपास इस पद के लिए अकेले दावेदार थे।डेविड माल्पास विश्व बैंक के प्रखर आलोचक भी रहे हैं।

विश्व बैंक संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट संस्था है।इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों को पुनर्निमाण और विकास के कार्यों में आर्थिक सहायता देना है।विश्व बैंक समूह पांच अन्तरराष्ट्रीय संगठनों का एक ऐसा समूह है जो सदश्य देशों को वित्त और वित्तीय सलाह देता है।इसका मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी॰ में है।विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना एक साथ 1944 में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के दौरान हुई थी।उस समय इसका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध और विश्ववयापी आर्थिक मंदी से जूझ रहे देशों में आई आर्थिक मंदी से निपटना था।वर्तमान में 180 देश इस संस्था के सदस्य हैं। विश्व बैंक के सदस्य बनने के लिए देश को आईएमएफ का सदस्य होना भी जरूरी है।

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