भारत में पाई जाने वाली प्रमुख जनजाति एवं उनसे संबंधित स्थान-

गोंड जनजाति-
ये मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा कर्नाटक में पाई जाने वाली जन जाति है। ये जनजाति भारत के विभिन्न राज्यों में फैली होने के कारण यह भारत की सबसे बड़ी जनजाति है।
इनकी जनजाति भाषा गोंडी है। गोंड अस्ट्रेलायड नस्ल की जनजाति है ।
 

भील जनजाति-
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं गुजरात तथा मुख्यतः यह जनजाति राजस्थान में अरावली पर्वत के आसपास क्षेत्रों में निवास करती हैं।
इन जनजातियों के द्वारा शिवरात्रि के समय बालेश्वर मेले का आयोजन किया जाता है।
भील पहले धनुष - बाण से शिकार किया करते थे, लेकिन अब ये कृषि करते हैं।
 

थारु जनजाति-
यह जनजाति मुख्य रुप से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के तराई वाले भागो में पाई जाती है।
जिसमें उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का तराई क्षेत्र और उत्तराखंड का नैनीताल जिला शामिल है। और इनका संबंध किरात वंश से है।
थारू का मुख्य व्यवसाय कृषि है इसके साथ-साथ ये मछली पालन का भी कार्य करते हैं।
ये दीपावली के दिन अपने पूर्वजों को रोटी देकर दीपावली को शोक का पर्व के रूप में मनाते हैं।
 

खासी जनजाति -
ये जनजाति भारत में मेघालय, असम बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा बांग्लादेश के कुछ क्षेत्रों में पाई जाती हैं। मेघालय में खासी जनजाति के लोग पहाड़ियों पर रहते हैं।
ये ईसाई धर्म को मानते हैं परंतु बिहार, उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में रहने वाले मुस्लिम धर्म को अपनाते हैं।
पहले ये झूमिंग कृषि किया करते थे जिसे स्थानान्तरण कृषि भी कहा जाता है। किंतु अब इसे पूर्ण रुप से प्रतिबंधित कर दिया गया है, अतः अब ये स्थाई कृषि करते हैं। इनके मुख्य भोजन का आधार चावल है अर्थात खासी जनजाति भोजन के रूप में चावल का ज्यादा मात्रा में सेवन करती है।
 

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