भारतीय दण्ड संहिता : ऐतिहासिक पृष्ठभूमि व वर्तमान स्वरूप (07)

क्रमशः ...

  • भारतीय दण्ड संहिता के ग्रहण की तिथि(Date of Adoption) 6 अक्टूबर, 1860 है जबकि इसके प्रवर्तन की तिथि(Date of Implement) अर्थात् लागू होने की तिथि 1 जनवरी, 1862 है,
  • भारतीय दण्ड संहिता को पूर्व में मजमूआ ताजीरात हिन्द कहा जाता था। क्योंकि भारतीय दण्ड संहिता के निर्माण के समय न्यायालयों की भाषा अरबी, फारसी और उर्दू थी। मजमूआ ताजीरात हिन्द शब्द भी अरबी फारसी भाषा का है जिसका वास्तविक अर्थ है – भारतीय दण्ड संहिता
  • वर्तमान भारतीय दण्ड संहिता समय और काल के अनुसार बदलती हुई अपने वर्तमान स्वरूप तक पहुँची है। आरम्भ में इसमें 488 धारायें थीं लेकिन समय-समय पर संशोधनों द्वारा इसमें वृध्दि होती रही और वर्तमान संहिता में अब कुल 511 धारायें हैं। इसके अतिरिक्त बीच-बीच में कई अतिरिक्त धारायें भी जोड़ी गयी है।
  • भारतीय दण्ड संहिता में परिस्थिति के अनुसार संशोधन होते रहे है जैसे कि ब्रिटिश साम्राज्य के समाप्त होने पर इस अधिनियम में ब्रिटिश भारत अथवा सरकारी हिन्दुस्तान के स्थान पर सम्पूर्ण भारत शब्द प्रतिस्थापित किया गया और अन्य अपराध जो कि इस दण्ड विधि में उल्लिखित होने से रह गये थे या जो उपबन्ध अन्यथा प्रभावहीन हो गये थे, उनका संशोधन समय-समय पर होता रहा है। यह संशोधन आज भी जारी है।

शेष अगले नोट्स में ..

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