भारतीय कर प्रणाली (भाग-9)

                         करों का प्रशासन

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी)-

    यह भारत में प्रत्यक्ष कर से संबंधित नीतियों एवं योजनाओं को मेरे मित्र करने वाली सर्वोच्च संस्था है। सीबीडीटी एक वैधानिक प्राधिकरण है, जो केंद्रीय राजस्व कानून बोर्ड 1963 के अधीन कार्य करती है। इसमें एक अध्यक्ष तथा छह अन्य सदस्य होते हैं। इन सभी का चयन भारतीय राजस्व सेवा से किया जाता है।

आयकर विभाग-

    यह विभाग वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन कार्य करता है। इस विभाग पर संसद द्वारा पारित प्रत्यक्ष कर कानूनों को लागू करने की जिम्मेदारी होती है। आयकर विभाग डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट को लागू करने के लिए भी जिम्मेदार होता है तथा यह अंतरराष्ट्रीय कर के विविध पहलुओं का भी निपटारा करता है।

आयकर कानून 1961-

    संसद से पारित होने के बाद आयकर कानून 1961 के तहत व्यक्तियों तथा नियमों की आय पर एक कर लगाया जाता है।

    यह विभाग निम्नलिखित शीर्षको के तहत कर लगाता है-

1.  वेतन पर कर,

2.  पेशा एवं व्यवसाय पर कर,

3.  घर एवं संपत्ति पर कर,

4.  पूंजीगत लाभ पर कर,

5.  अन्य स्रोतों से प्राप्त आय पर कर।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी)-

    इसका गठन 24 जनवरी 1944 को किया गया था। भारत में सेवा कर केंद्रीय सीमा शुल्क उत्पाद के अंतर्गत आता है। सीबीईसी का कार्य अपने क्षेत्र-अधीन आने वाले करों की वसूली करना है। सेवा कर एवं उत्पाद, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का एक संयुक्त अंग है।

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