इब्राहिम लोदी , आमिर खुसरो , और कश्मीर प्रांतीय राज्य के बारे में बताएं?

इब्राहिम लोदी ( 1517-1526): -

इब्राहिम लोदी सिकंदर लोदी का पुत्र था जो लोदी वंश का अंतिम शासक था,| प्रमुख अफगान सरकार दौलत खान लोदी और इब्राहिम लोदी का चाचा आलम खान इब्राहिम की सत्ता को समाप्त करने के उद्देश्य से काबुल के शासक बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया| 12 अप्रैल 1526 को बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच पानीपत का प्रथम युद्ध हुआ |जिसमें इब्राहिम की पराजय हुई और वह युद्ध स्थल में मारा गया | इब्राहिम लोदी की मृत्यु से लोदी वंश एवं दिल्ली सल्तनत समाप्त हुआ और भारत में मुगल सत्ता की स्थापना हुई|

आमिर खुसरो :-

अमीर खुसरो का जन्म 1253 ईसवी में उत्तर प्रदेश के एटा जिले की पटियाली नामक स्थान पर हुआ था उसका पूरा नाम था| अबुल हसन या मोइनुद्दीन खुसरो उसने कुल 9 सुल्तानों का शासन काल देखा वह निजामुद्दीन औलिया का शिष्य था| अमीर खुसरो ने खड़ी बोली के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई |उसने फारसी काव्य शैली सबक - हिंदी या हिंदुस्तानी शैली को जन्म दिया वह खुद को तोता ए हिंद कहता था| आमिर खुसरो ने भारतीय वीणा और ईरानी तंबुरे को मिलाकर  सितार बनाया|

प्रांतीय राज्य :-

मोहम्मद बिन तुगलक की असफल योजनाओं और प्रशासनिक विफलता के कारण साम्राज्य का विघटन होने लगा इसके परिणामस्वरूप भारत के विभिन्न क्षेत्रों में स्वतंत्र प्रांतीय राज्यों का उदय हुआ इसमें उत्तर भारत में जौनपुर, मालवा, कश्मीर, मारवाड़ आदि एवं दक्षिण भारत में मांबर ,खानदेश,  एवं विजय नगर प्रमुख थे|

कश्मीर राज्य :-

कश्मीर में हिंदू राज्य की स्थापना सुहादेव ने 1301 ईसवी में की थी| यहां हिंदू शाही वंश का शासक था| समीर समसुद्दीन के नाम से कश्मीर का प्रथम मुस्लिम शासक बना और इंदिरा में राज्य की स्थापना की| कालांतर में यहां सिकंदर शाह नामक शासक हुआ जिसके काल में तैमूर का भारत पर आक्रमण हुआ (1398) |उसने मार्तंड मंदिर सहित अनेक हिंदू मंदिरों और मूर्तियों का विनाश किया| जिसके कारण उसे बुतशिकन की उपाधि दी गई|

1420 ईसवी में सिकंदर शाह का पुत्र शाहिखान जैन - उल - आबिदी न  के नाम से सिंहासन  पर बैठा |  उसे  बुध शाहा  या महान  सुल्तान भी कहां जाता था| वह धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक विनम्र था उसने महाभारत और राज तरंगिणी का फारसी में अनुवाद कराया था| वह कुतुब उपनाम से फारसी में कविताएं लिखता था | और उसने शिकायत नामक ग्रंथ की रचना की 1470 ईस्वी में उसकी मृत्यु हो गई |कश्मीर के लोगों ने उसे वुड सहा की उपाधि दी जाती हैं| उसके उदार नीतियों के कारण उसे कश्मीर का अकबर और मूल्य नियंत्रण व्यवस्था के कारण कश्मीर का अलाउद्दीन खिलजी कहा जाता है दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने कश्मीर पर अधिकार नहीं किया बाद में अकबर ने उसे अपने राज्य में शामिल किया|

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