दण्ड प्रक्रिया में संशोधन के बाद कुछ धाराएं भारतीय दण्ड संहिता में दण्ड के विधान को पुरा करने के लिए जोड़ना पड़ा, जो निम्नवत् है -
भारतीय दण्ड संहिता में जोड़ी गई नई धारायें
दण्ड प्रकिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2005 द्वारा भारतीय दण्ड संहिता में –
- धारा 153-क के पश्चात् निम्नलिखित धारा अन्तःस्थापित की गई, अर्थात् –
धारा 153 –कक. किसी जुलूस में जानबूझकर आयुध ले जाने या किसी सामूहिक ड्रिल या सामूहिक प्रशीक्षण का आयुध सहित संचालन या आयोजन करना या उसमें भाग लेना – जो कोई किसी सार्वजनिक स्थान में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144क के अधीन जारी की गई किसी लोक सूचना या किए गये किसी आदेह के उल्लंघन में किसी जुलूस में जानबुझकर आयुध ले जाता है या सामूहिक ड्रिल या सामूहिक प्रशिक्षण या आयुध सहित जानबूझकर संचालन या आयोजन करता है और उसमें भाग लेता है तो वह कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी और जुर्माने, जो दो हजार रूपए तक का हो सकेगा, से दण्डित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण – “आयुध” से अपराध या बचाव के लिए हथियार के रूप में डिजाइन की गई या अपनाई गई किसी भी प्रकार की कोई वस्तु अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत अग्नि शस्त्र, नुकीली धार वाला हथियार, लाठी, डंडा और छड़ी भी हैं।
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