अपराध का अर्थ एवं परिभाषा
अपराध का अर्थ -
- शब्द ‘Crime’ (अपराध) को कभी-कभी शब्द ‘Offence’ या Criminal offence (अपराध) के साथ समानार्थक रूप में सभी कार्य या लोप जो दण्डनीय है, के अर्थ में लिया जाता है। इसके विपरीत, शब्द ‘Crime’ (अपराध) को सीमित अर्थ में अभ्यारोपणीय अपराध के रूप लिआ गया है, जबकि अभिव्यक्ति ‘Offence’ (अपराध) या ‘Criminal Offence’ (अपराध) को संक्षिप्त दोषसिध्दि पर दण्डनीय अपराध के रूप में लिया गया है।
अपराध की परिभाषा -
- अपराध शब्द जितना प्रचलित है, उसकी परिभाषा देना उतना ही कठिन है। विभिन्न विधिशास्त्रियों ने इसकी भिन्न-भिन्न परिभाषाएं दी है –
- ब्लैकस्टोन के अनुसार – “ऐसा कोई कार्य करना अथवा करने में विरत रहना जिससे सामान्य विधि के किसी नियम का अतिक्रमण होता हो, अपराध कहलाता है।“
- केनी के अनुसार – “अपराध उन अवैधानिक कार्यों को कहते हैं जिसके बदले में दण्ड दिया जाता है और वे क्षम्य नहीं होते। यदि क्षम्य होते भी हैं तो राज्य के अतिरिक्त अन्य किसी भी व्यक्ति को क्षमा करने का अधिकार नहीं होता है।“
स्टीफेन के अनुसार – ‘अपराध से अभिप्राय ऐसे अधिकारों के अतिक्रमण से है जिसका परिणाम उस अतिक्रमण से सम्बन्धित समाज में फैली हुई दुष्कृतियों से हो।“
अपराध की उपर्युक्त परिभाषाओं से यह स्पष्ट है कि उसके अन्तर्गत आने वाले सभी कार्य अवैधानिक होते है, उनसे जनसामान्य को क्षति कारित होती है और बदले में अपराधियों को दण्ड दिया जाता है।
आगे अभी और है ...