जौनपुर और बंगाल प्रांतीय राज्य के बारे में बताइए?

जौनपुर प्रांतीय राज्य :- 

जौनपुर नगर को फिरोजशाह तुगलक ने 1359 ईस्वी में बसाया था जौनपुर में स्वतंत्र सत्ता का संस्थापक मलिक सरवर था| जिसे फिरोजशाह तुगलक के पुत्र सुल्तान महमूद ने मलिक -उस- सर्क उपाधि दी थी| उसके पद के कारण उसका वंश शर्की वंश कहलाया  शर्की के शासकों में सबसे उल्लेखनीय शासन इब्राहिम शाहा था|  जिसने शिराज ए हिंद की उपाधि धारण की अटाला मस्जिद जौनपुर ढंग के शिल्प विद्या की देवी प्या मान नमूने के रूप में खड़ी है इब्राहिम शाह के काल में ही पूरी हुई थी | जाफरी मस्जिद निर्माण भी इब्राहिम शाह ने करवाया था| उसने जौनपुर को एक सुंदर नगर बनाया और उसके समय स्थापत्य कला में एक नई शैली जौनपुरिया सर की शैली का जन्म हुआ| इस काल में जौनपुर को पूर्व का शिराज कहां जाने लगा शर्की की वंश का अंतिम शासक हुसैन शाहा था जिसने बहलोल लोदी ने 1479 में हराया और 1484 में जौनपुर को अपने अधीन कर लिया | महाकाव्य पद्मावत के रचयिता मलिक मोहम्मद जायसी जौनपुर का ही निवासी था|

बंगाल प्रांतीय राज्य :- 

बंगाल को दिल्ली सल्तनत में सम्मिलित करने का श्रेय  इख्टियारुदी बिन बख्तियार खिलजी को था | मोहम्मद तुगलक के समय 1338 ईस्वी में बंगाल दिल्ली से स्वतंत्र हो गया 4 साल बाद इलियास खान नामक एक अमीर ने लखनऊ  ओर सोनार गांव पर कब्जा कर लिया और सुल्तान शमसुद्दीन इलियास खां की उपाधि धारण कर बंगाल की गद्दी पर बैठा | फिरोज तुगलक ने बंगाल पर आक्रमण कर उसकी राजधानी पंडवा पर कब्जा कर लिया बाद में दोनों में संधि हो गई | इलियास खां के राजवंश का सबसे प्रसिद्ध सुल्तान गयासुद्दीन आजम शाह था| यह अपने नए प्रियता के लिए जाना जाता था और प्रसिद्ध   फारसी कवि हजिफ शिरजी से उनका संपर्क था| बंगाल के अमीरों ने 1493 ईस्वी में अलाउद्दीन हुसैन शाह को बंगाल का शासक बनाया |चैतन्य महाप्रभु अलाउद्दीन के समकालीन थे उसने सत दिरे नामक आंदोलन की शुरुआत की | उसके बाद उसका पुत्र नसरुद्दीन नुसरत शाह की उपाधि से सिंहासन पर बैठा इसने गॉड में बड़ा सोना एवं कदम रसूल मस्जिद का निर्माण करवाया| इस वंश का अंतिम शासक जिस दिन महमूद शाह था जिसे शेरशाह ने हराकर संपूर्ण बंगाल पर कब्जा कर लिया|

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