भारत में श्वेत क्रांति को 1970 में शुरू किया गया था। जिसका उद्देश्य देश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना था । इस क्रांति के कारण ही आज दुग्ध उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है और राज्यों में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है, फिर भी क्षेत्रफल व जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य होने के कारण श्वेत क्रांति की सफलताओं को उत्तर प्रदेश राज्य के लिए सीमित माना जा रहा है इसके निम्न कारण है :-
- राज्य में दुग्ध उत्पादन में संगठित क्षेत्र की भागीदारी कम रही है। वर्तमान में संगठित क्षेत्र की भागीदारी मात्र 25% है ।
- राज्य में दुग्ध प्रसंस्करण उद्योग का विकास भी समय अनुसार नहीं हो पाया है । वर्तमान में दुग्ध प्रसंस्करण राज्य में इसके पादन 12% है जबकि गुजरात में 49% है ।
- राज्य की भौगोलिक अवस्थिति तटीय राज्यों की तुलना में निर्यात के अवसर सीमित करती है। दुग्ध क्षेत्र के उद्यमियों व निवेशकों को आकर्षित करने में राज्य कम सफल रहा है ।
- वर्ष 1970-71 में ऑपरेशन फ्लड -1योजना प्रदेश के 8 जनपदों में ही शुरू की गई थी, जिससे राज्य के अन्य जनपदों में क्रांति के प्रयास सीमित रहे।
- राज्य में अधिकतर सीमांत किसान है, जो बड़े स्तर पर पशुपालन नहीं कर पाते क्योंकि इससे उन्हें पशुओ हेतु चारा व आवास उपलब्ध कराने में समस्या आती है।
- राज्य में स्थापित दूध प्रसंस्करण इकाइयों का तकनीकी रूप से आधुनिकीकरण नहीं हो पा रहा है।