लोक प्रशासन एवं निजी प्रशासन के मध्य समानताएं

* लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में काफी समानताएं देखने को मिलती हैं। विशेषकर जितने भी क्लासिकल चिंतक हैं वह सभी प्रशासन को विज्ञान मानते हैं। इस कारण उनका मानना है कि प्रशासन के मूल तत्व समान होते हैं चाहे लोक प्रशासन हो या निजी प्रशासन।

* किसी भी संगठन की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उस संगठन में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी कैसे हैं? अतः दोनों क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के उत्तरदायित्व एक समान हैं।

*लोक प्रशासन और निजी प्रशासन की कार्य पद्धति एवं कार्यालयों की तकनीकी में समानताएं दिखाई देती हैं। जैसे- फाइल तैयार करना, बजट तैयार करना, लेखा तैयार करना एवं लेखा परीक्षण करना। 

*लोक प्रशासन एवं निजी प्रशासन दोनों संगठनों में प्रचार-प्रसार किया जाता है। अंतर इस बात का है कि जिस मात्रा में प्रचार-प्रसार निजी प्रशासन में किया जाता है उस मात्रा में लोक प्रशासन में नहीं होता। 

*आज के सूचना संचार के युग में इन सूचनाओं का प्रभाव दोनों क्षेत्रों में दिखाई देता है ताकि संगठन में सामंजस्य या तालमेल स्थापित किया जा सके।

*लोक प्रशासन एवं निजी प्रशासन दोनों में लागत लाभ पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जिससे संगठन को मितव्ययी बनाया जाए।

*लोक प्रशासन एवं निजी प्रशासन के मध्य परस्पर आदान प्रदान किया जाना दोनों के मध्य समानता प्रदर्शित करता है।

*सरकार अपने व्ययावसायिक एवं वाणिज्य कार्यों के संचालन के लिए लोक उपक्रमों की स्थापना करती है।

*लोक प्रशासन की विशेषता के रूप में लोक उत्तरदायित्व एवं जन नियंत्रण तथा निजी प्रशासन की विशेषता के रूप में अधिक स्वायत्तता एवं लचीलापन दिखाई पड़ता है।

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