1857 की क्रांति भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है जो कि भारतीय इतिहास को बहुत ही प्रभावित करती है तथा इस क्रांति के होने की कुछ कारण है जो अग्रलिखित हैं -
1857 की क्रांति के आर्थिक कारण -
1857 की क्रांति का कारण स्थाई बंदोबस्त , रैयतवाड़ी , महालवाड़ी प्रमुख रूप से उत्तरदाई थी । 1852 के इनाम कमीशन की सिफारिशों के आधार पर लॉर्ड डलहौजी ने लगभग 20 हजार जागीरे छीन ली थी परिणाम स्वरुप जागीरदारों में असंतोष था जो इस क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ।
हस्तशिल्प का कारण भी एक प्रमुख कारण था और अकाल जैसे संकट में भी लगान को माफ ना करना भी इसका एक मुख्य कारण था ।
1857 की क्रांति के राजनीतिक कारण -1857 की क्रांति के मुख्य कारण निम्नवत है -
जैसे - सहायक संधि , हड़प नीति , कुशासन का आरोप लगाकर अवध का विलय
लॉर्ड कैनिंग ने यह घोषणा कर दिया कि मुगल बादशाह का स्थान लाल किले से बाहर होगा एवं बहादुर शाह जफर के पश्चात किसी को भी उत्तराधिकारी के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा लॉर्ड कैनिंग द्वारा उठाया गया यह कदम 1857 की क्रांति होने का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है ।
इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण राजाओं का पेंशन भंग करना, अंग्रेजों का जातिगत घमंड करना ।
1857 की क्रांति के धार्मिक कारण - निम्नलिखित धार्मिक कारण थे ।
जैसे - ईसाई मिशनरियों की भूमिका ,
चर्बी लगा कारतूस का प्रयोग करना ,
समुद्र पार यात्रा (सैनिक यात्रा को अनिवार्य
बनाना )
अंग्रेजों द्वारा धार्मिक प्रतीकों पर हमला करना
जैसे - तिलक लगाना , दाढ़ी बढ़ाने तथा पगड़ी
पर रोक लगाना।
1857 में पारित धार्मिक निरोग्यता अधिनियम - इस अधिनियम के अनुसार ईसाई धर्म ग्रहण करने वाले लोगों को अपनी पैतृक संपत्ति का हकदार माना गया साथ ही साथ उन्हें नौकरियों में , शिक्षण संस्थानों में , पदोन्नति में अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
1857 की क्रांति के सामाजिक और सांस्कृतिक कारण -
निम्नलिखित कारण है समाज में किए गए सुधारों से रूढ़िवादी लोग नाराज हो गए
जैसे - विधवा पुनर्विवाह कराना , सती प्रथा पर रोक लगाना आदि कार्य ।
1857 की क्रांति में धार्मिक , प्रशासनिक , राजनीतिक आर्थिक तथा सामाजिक और सांस्कृतिक कारण सभी का समन्वय था क्योंकि कोई भी क्रांति पूर्वनियोजित नहीं होती है कोई भी क्रांति तब होती है जब लगातार किसी भी नियम को बाध्य बनाया जाएगा तथा जब बर्दाश्त करने की सीमा समाप्त हो जाती है तो वहां पर विद्रोह या क्रांति जन्म लेती है ।