दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 : प्रारम्भिकी (धारा 1-5) - 03

क्रमशः .....

धारा 2 मे सम्बंधित परिभाषाओं का विवरण है । जिसे हम अलग अलग नोट्स में देखेंगे, 

  • अधिनियम की धारा 2 में विभिन्न शब्दों की परिभाषाएं दी गयी हैं – (i) धारा 2 (a) के अनुसार – जमानती अपराध (Bailable offence) से अपराध अभिप्रेत है जिसे दण्ड प्रक्रिया संहिता की प्रथम अनुसूची में जमानती के रूप में दिखाया गया है या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा जमानतीय बनाया गया है और अजमानतीय अपराध (Non Bailable offence) से कोई अन्य अपराध अभिप्रेत है।
  • दण्ड संहिता प्रक्रिया की धारा 2 (a) के अधीन जमानतीय तथा अजमानतीय अपराध को परिभाषित किया गया है। इस उपधारा के अनुसार जमानतीय व अजमानतीय अपराध का अभिप्राय ऐसे अपराध से है जो प्रथम अनुसूची में अथवा तत्समय प्रवृत्त अन्य विधि द्वारा जमानतीय या अजमानतीय बताए गए हैं। इस प्रकार यह धारा इस बात को अभिनिश्चित करती है कि कोई अपराध जमानतीय होगा अथवा अजमानतीय। वस्तुतः इसका अभिनिर्धारण प्रथम अनुसूची की सहायता से किया जा सकता है। इस सूची के अन्तर्गत ऐसे अपराध जो तीन वर्ष से कम अवधि के कारावास या केवल जुर्माने से दण्डनीय है, जमानतीय अपराध माने गये है जबकि ऐसे अपराध जो मृत्युदण्ड, आजीवन कारावास या तीन वर्ष से अधिक के कारावास से दण्डनीय है, अजमानतीय अपराध माने गये है।

आगे अभी और है.. 

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