परिवाद तथा प्रथम इत्तिला(सूचना) रिपोर्ट (F.I.R.) में अन्तर
परिवाद तथा प्रथम इत्तिला रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) में निम्नलिखित प्रमुख अंतर है –
- परिवाद मजिस्ट्रेट के समक्ष किया जाता है परन्तु प्रथम सूचना रिपोर्ट सदैव पुलिस थाने के भार-साधक अधिकारी के समक्ष की जाती है।
- परिवाद सदैव असंज्ञेय अपराध को किए जाने की बाबत किया जाता है जबकि प्रथम सूचना रिपोर्ट संज्ञेय अपराध कारित किए जाने के बाबत की जाती है।
- परिवाद की दशा में पुलिस अधिकारी मामले में अन्वेषण का कार्य तब तक नहीं कर सकता है जब तक कि मजिस्ट्रेट मामले में अन्वेषण की अनुज्ञा न दे, इसके विपरीत संज्ञेय अपराध की दशा में पुलिस अधिकारी दायर की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर स्वयं मामले में अन्वेषण का कार्य प्रारम्भ कर सकता है।
प्रथम सूचना रिपोर्ट क्या है?
इसे किसी भी धारा में परिभाषित नही किया गया है, लेकिन सरलतम शब्दों में समझा जा सकता है। -
प्रथम सूचना रिपोर्ट का उद्देश्य फौजदारी कानून को हरकत में लाने से है। जिससे पुलिस छानबीन का कार्य शुरू कर सके। प्रथम सूचना रिपोर्ट ही किसी मुकदमे का आधार होती है। यह रिपोर्ट एक शिकायत या अभियोग के तौर पर होती है, जिससे किसी अपराध के घटित होने या संभवतः घटित होने की सूचना पुलिस को दी जाती है।