दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 : प्रारम्भिकी (धारा 1-5) - 08

  • (v) धारा 2 (g) के अनुसार – जाँच (Inquiry) से अभिप्राय विचारण से भिन्न उस प्रत्येक जाँच से है जो इस संहिता के अंतर्गत उन सभी कार्यों को सम्मिलित किया जाता है जो मजिस्ट्रेट के द्वारा कार्यवाही के दौरान किये जाते है।
  • (vi) धारा 2(h) के अनुसार – अन्वेषण (Investigation) के अन्तर्गत वे सभी कार्यवाहियाँ आती हैं जो साक्ष्य एकत्रित करने के लिए किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट से भिन्न ऐसे किसी व्यक्ति के द्वारा की जाती है जो मजिस्ट्रेट द्वारा इस प्रयोजन हेतु प्राधिकृत किया गया है।
  • इस तरह से अन्वेषण की कार्यवाही में केवल उन्हीं कार्यवाहियों का समावेश होगा जो पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट द्वारा निदेशित व्यक्ति द्वारा की जायें। वस्तुतः इस तरह से उक्त प्राधिकारियों द्वारा किए जाने वाली कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य साक्ष्य जुटाना होता है। अन्वेषण की कार्यवाही में मुख्यतया निम्नलिखित कार्यवाहियां सम्मिलित होती है :
    1. अपराध स्थल का निरीक्षण
    2. मामले एवं घटना से संबंधित सभी तथ्य एवं परिस्थितियों का अभिनिश्चयन
    3. नामनिदेशित या संदेहित व्यक्ति की गिरफ्तारी तथा उससे पुछताछ
    4. अपराध कारित होने से संबंधित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संग्रहण
    5. इस तथ्य पर राय कि संग्रहीत सामग्री के आधार पर किसी आरोप का युक्तिसंगत आधार बनता है या नहीं उक्त राय  के आधार ओअर अपनी रिपोर्ट का दंडाधिकारी के सक्षम प्रतिप्रेषण।
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