Day – 08
- आनुवंशिकी (Genetics) – जीवविज्ञान की इस शाखा में जीन के सभी क्रिया-कलापों का अध्ययन किया जाता है जिनके द्वारा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पैतृक गुणों का संचरण होता है तथा सजीवों में विभिन्नताएं पाई जाती हैं।
- हीमैटोलॉजी (Hematology) – विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत रुधिर एवं रुधिर रोगों का अध्ययन किया जाता हैं।
- हेल्मिन्थोलॉजी (Helminthology) – इसके अन्तर्गत परजीवी कृमियों का अध्ययन किया जाता है।
- ऊतिकी (Histology) – जीव विज्ञान की इस शाखा में ऊतकों (Tissues) अर्थात् विशेष प्रकार की कोशिकाओं के समूहों का अध्ययन किया जाता है।
- उद्यानविज्ञान (Horticulture) – यह वनस्पति विज्ञान की एक शाखा है जिसमें फूल, फल सब्जियों एवं सजावट के आकर्षक पौधों को उगाने की विधियों का अध्ययन किया जाता है।
- सरीसृप विज्ञान (Herpetology) – विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत उभयचर एवं सरीसृपों का अध्ययन किया जाता है।
- होलोग्राफी (Holography) – लेंसर किरणों द्वारा किसी वस्तु का त्रिविमीय चित्र प्राप्त करने की तकनीक को होलोग्राफी कहते है। अतः तत्सम्बन्धित विज्ञान को भी होलोग्राफी कहते है।
- होम्योपैथी (Homeopathy) – यह एक भिन्न चिकित्सा पध्दति है जिसमें रोग के कारकों को अतिअल्प मात्रा में प्रयोग करके उसी रोग के निदान में प्रयुक्त किया जाता है।
- द्रवगतिकी (Hydrodynamics) – यह भौतिक विज्ञान की एक शाखा है जिसमें गतिशील द्रव पर कार्य करने वाले बल, दाब एवं उसकी ऊर्जा का अध्ययन किया जाता है
शेष फिर अगले नोटस् में...