इजराइल में हुए आम चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी ने चुनाव में वाम दलों के गठबंधन को हराकर जीत दर्ज कर ली है। इस चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू को सेवानिवृत्त जनरल बेनी गैंट्ज से कड़ी टक्कर मिल रही थी।
इजराइल में 14 पार्टियों के लिए कुल 120 सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को हुआ।यहां की कुल आबादी लगभग 80 लाख है जिनमें से 63 लाख मतदाता हैं।
इजराइल में बेंजामिन नेतन्याहू ने लगातार पांचवीं बार विजय प्राप्त की।
बेंजामिन नेतन्याहू की शानदार जीत पर पीएम मोदी ने बधाई दी और नेतनयाहू को टैग करते हुए लिखा की आप भारत के सबसे बड़े मित्र हैं।
प्रधानमंत्री पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले व्यक्ति-
बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के प्रधानमंत्री पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले व्यक्ति होंगे।नेतन्याहू ने साल 1990 में पहली बार चुनाव जीता था।जिसके बाद वे तीन साल प्रधानमंत्री रहे।इसके बाद वे साल 2009 में फिर से जीते और तबसे लगातार इस पद पर बने हुए हैं।
भारत-इजराइल संबंध-
मई 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद भारत और इजराइल के संबंधों को मजबूती मिली।भारत तथा इजराइल में आतंकवाद के बढ़ने के साथ ही भारत तथा इजराइल के सम्बन्ध भी मजबूत हुए। भारत ने अब तक इजराइल के लगभग 8 सैनिक उपग्रहों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के माध्यम से प्रक्षेपित भी किया है।प्रधानमंत्री मोदी साल 2017 में इजरायल जाने वाले पहले प्रधानमंत्री थे। भारत-इजराइल संबंध भारतीय लोकतंत्र तथा इजराइल राज्य के मध्य द्विपक्षीय संबंधो को दर्शाता है।
साल 1992 तक भारत तथा इजराइल के मध्य किसी प्रकार के सम्बन्ध नहीं रहे।इसके मुख्यतः दो कारण थे-
पहला,भारत गुट निरपेक्ष राष्ट्र था जो की पूर्व सोवियत संघ का समर्थक था।दूसरे गुट निरपेक्ष राष्ट्रों की तरह इजराइल को मान्यता नहीं देता था। दूसरा मुख्य कारण भारत फिलिस्तीन की आजादी का समर्थक रहा है।