भारतीय दण्ड संहिता : अपराध का अर्थ एवं परिभाषा - 06

क्रमशः  ...

  • निम्नलिखित दो स्थितियों में भारतीय दण्ड संहिता का प्रवर्तन अपवर्जित होता है अर्थात इसके प्रावधान लागू होने पर,
    1. मार्शल लॉ के लागू होने पर,
    2. राज्यकृत (Act of State) के दौरान
  • राज्यकृत एक ऐसा कार्य है जो किसी व्यक्ति के शरीर अथवा उसकी सम्पत्ति के लिए हानिकारक है, वह कार्य भारत सरकार के प्रतिनिधि द्वारा किया जाता है और उसकी स्वीकृति या तो कार्य के पूर्व या बाद में भारत सरकार द्वारा दे दी जाती है।
  • किसी अपराध के लिए एक व्यक्ति तथा उसका दुराशय ही पर्याप्त नहीं है बल्कि दण्डनीय होने के लिए आपराधिक आशय को किसी स्वेच्छापूर्वक कार्य या लोप (Voluntary Act or Omission) के रूप में अवश्य स्पष्ट होना चाहिए क्योंकि किसी मनुष्य के आशय को हम नहीं जान सकते हैं।

विशेष -

मार्शल लॉ और राष्ट्रीय आपातकालीन (इमरजेंसी) में अंतर :

  • मार्शल लॉ में मौलिक अधिकार बर्खास्त हो जाता है। इमरजेंसी में मौलिक अधिकार बर्खास्त नही होते।
  • मार्शल लॉ में कोर्ट बंद हो जाते है केवल मिलिट्री शासन करती है।
  • मार्शल लॉ देश के किसी प्रभावित क्षेत्र में लगता है इमरजेंसी पूरे देश मे लागू होता है।

(ये ज़रूरी नहीं कि मार्शल लॉ दंगे फसाद या गृह युद्ध के समय ही लगाया जाए. कई बार किसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए भी देश में आर्मी एक्ट लागू किया जाता है.)

आगे अभी और है ... 

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