नवीन राज्यों का उदय और अंग्रेजों का विस्तार । भाग - 4

अलीनगर की संधि (9 फरवरी 1757)

यह संधि अंग्रेजों और शिराजुद्दोला के बीच हुई जिसके तहत शिराजुद्दौला को सारे अधिकार अंग्रेजों को ,जो उसे मुगलों द्वारा प्राप्त हुए थे, लौटाने पड़े । फोर्ट विलियम के किले की बंदी की स्वतंत्रता देनी पड़ी और युद्ध हर्जाना , दस्तक के प्रयोग की स्वतंत्रता देनी पड़ी , अंग्रेजों को अपनी मुद्रा जारी करने की स्वतंत्रता देनी पड़ी ।
                इस प्रकार इस संधि द्वारा जहां अंग्रेजों को व्यापक लाभ मिले वहीं शिराजुद्दौला को अपमानित होना पड़ा ।
                अंग्रेजों की नई योजना
                प्लासी का युद्ध 23 जून 1757

बंगाल के नदिया जिले में भागीरथी नदी के तट पर था ‌।
पृष्ठ भूमि :-
अंग्रेज बंगाल में एक कठपुतली शासक बैठाना चाहते थे । जिसके लिए शिराजुद्दौला के चार सेनापतियों मीर जाफर, यार लतीफ, राय दुर्लभ, मोइनुद्दीन में से पहले तीन को एक सिक्ख व्यापारी की मध्यस्थता से अमीर चंद को अपनी ओर मिलाया । इस षड्यंत्र की बैठक 10 फरवरी 1757 को अमीर चंद के घर पर हुई थी ।
१. मीर जाफर को नवाब का पद
२.यार लतीफ और रायदुर्लभ को बड़े ओहदे
३.अमीरचंद को बंगाल के राजकोष का 5% हिस्सा
४. अंग्रेजों को कठपुतली शासक लेकिन बाद में अमीर चंद ने लालच और बढ़ाई 20 लाख अतिरिक्त की मांग की जिसके लिए क्लाइव ने फर्जी हस्ताक्षरित पेपर दिया ।

             लेख अभी जारी है .......... ।

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