Day – 10
- धातुरचना विज्ञान (Metallography) – विज्ञान की इस शाखा में विभिन्न धातुओं की आन्तरिक संरचना का अध्ययन किया जाता है और उसके द्वारा धातुओं के गुणों की व्याख्या की जाती है।
- धातुअकर्म विज्ञान (Metallurgy) – रसायन विज्ञान की इस शाखा में धातु के अयस्क में से शुध्द धातु का निष्कर्षण करने की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाता है।
- मापविज्ञान (Metrology) – इस शाखा में तौल एवं माप की विधियों का अध्ययन किया जाता है।
- (Meteorology) – विज्ञान की इस शाखा में वायुमण्डल तथा इसमें होने वाले परिअवर्तनों एवं विभिन्न घटनाओं का अध्ययन किया जाता है तथा मौसम पूर्वानुमान भी किया जाता है।
- सूक्ष्म-जैविकी (Microbiology) – जीवविज्ञान की इस शाखा में जीवाणु (Bacteria), विषाणु (Virus), माइक्रोप्लाज्मा, आदि सूक्ष्मजीवों की संरचना एवं अन्य जीवों पर इनकी क्रिया का अध्ययन किया जाता है।
- आकारिकी (Morphology) – यह जीवविज्ञान की वह शाखा है जिसमें जीवों की आकृति एवं बाह्य संरचना का अध्ययन किया जाता है।
- कवकविज्ञान (Mycology) – यह जन्तुविज्ञान की वह शाखा है जिसमें कवक की संरचना, उसकी जैविक प्रक्रियाओं तथा उनके द्वारा जीवों में उत्पन्न किए जाने वाले रोगों का अध्ययन किया जाता है।
- तन्त्रिकाविज्ञान (Neurology) – चिकित्सा विज्ञान की इस शाखा में तन्त्रिका तन्त्र की संरचना, कार्य एवं इसमें होने वाले रोगों तथा अनियमितताओं का अध्ययन किया जाता है।
- ऑब्सटेट्रिक्स (Obstetrics) – यह चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जिसकें अन्तर्गत गर्भाधान, प्रसव एवं बच्चे के जन्म का अध्ययन किया जाता है।
शेष फिर अगले नोटस् में...