संघीय संविधान और एकात्मक संविधान को परिभाषित कर पाना संभव नहीं है लेकिन फिर भी कई देशों के संविधानों के अध्ययन के पश्चात विद्वानों ने संघात्मक राज्य और एकात्मक राज्य के निम्नलिखित लक्षणों की पहचान की है-
एकात्मक राज्य की विशेषताएं
1. इसमें क्षेत्रीय सरकारों द्वारा बनाई गई एकल राष्ट्रीय सरकार होती है और राष्ट्रीय सरकार क्षेत्रीय सरकारों को नियंत्रित करती है।
2. सभी प्रकार की शक्तियां राष्ट्रीय सरकारों के पास होती है अर्थात शक्तियों का बंटवारा नहीं होता।
3. इनका संविधान सर्वोच्चता प्राप्त हो सकता है और नहीं भी। जैसे ब्रिटेन में संसद उच्च है और जापान में संविधान।
(संविधान सर्वोच्चता का अर्थ है कि शासन प्रणाली में सर्वोच्च अर्थात प्रथम स्थान का होना।)
4. इनका संविधान परिवर्तनशील होता है अर्थात आवश्यकता पड़ने पर उसमें संशोधन किए जा सकते हैं लेकिन संशोधन की प्रक्रिया कठिन हो सकती है।
5. विधायिका द्विसदनीय भी हो सकती है या एक सदनीय भी हो सकती है।
संघात्मक राज्य की विशेषताएं
1. केंद्रीय और प्रांत दोनों की अपनी - अपनी सरकारें होती हैं और दोनों सरकारों को उस देश के संविधान से शक्तियां प्राप्त होती हैं।
2. केंद्र और राज्य में शक्तियों को स्पष्ट रुप से बांटा गया होता है।
3. संविधान संशोधन की प्रक्रिया कठिन होती है।
4. एक स्वतंत्र सर्वोच्च न्यायालय होता है जिससे कानूनी रूप से सर्वोच्च माना जाता है।
5. द्विसदनीय व्यवस्था होती है और ऊपरी सदन में राज्यों का प्रतिनिधित्व होता है।
6. देश का संविधान सर्वोच्च होता है।