संघ और उसका राज्य क्षेत्र:- अनुच्छेद - 3

अनुच्छेद - 3 यह संसद को नए राज्य या राज्यों के निर्माण की शक्ति प्रदान करता है।

• संसद किसी राज्य में से उसका कुछ भाग अलग करके अथवा दो या दो से अधिक राज्यों के भागों को मिलाकर अथवा किसी अन्य राज्य क्षेत्र को किसी अन्य राज्य के भाग में मिलाकर नए राज्य को बना सकती है।


• अनुच्छेद - 3 के अंतर्गत राज्यों को उनके राज्य क्षेत्र में होने वाले परिवर्तन के संबंध में अपनी राय देने का अधिकार प्राप्त है।

• संसद विधि द्वारा राज्यों के छात्रों को घटा बढ़ा सकती है और उनकी सीमाओं या नामों में बदलाव कर सकती है।

• राज्य के नाम, क्षेत्र, सीमा में परिवर्तन करने वाला कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना किसी भी सदन में पेश नहीं किया जा सकता है।

• संसद द्वारा जिस किसी राज्य के नाम, क्षेत्र, सीमा में परिवर्तन करने का विधेयक लाया जा रहा हो तो उस विधेयक को संबंधित राज्य विधानमंडल के पास, विधेयक पर राय जानने के लिए राष्ट्रपति के द्वारा भेजा जाता है।

• राज्य विधानमंडल की राय जानने के लिए राष्ट्रपति कुछ समय निर्धारित कर सकता है। ऐसी  राय (विचार) राष्ट्रपति और  संसद मानने के लिए मजबूर नहीं है अर्थात  विधेयक पर संबंधित राज्य की विधानमंडल की राय जानना केवल औपचारिकता है।

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