भारतीय संविधान का भाग-1 (अनुच्छेद 4)
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 4 में कहा गया है कि अनुच्छेद - 2 और अनुच्छेद- 3 के द्वारा स्थापित या प्रवेश कराए गए राज्य और विद्यमान राज्यों के नाम, क्षेत्र, सीमाओं में परिवर्तन के लिए संसद द्वारा पहली व चौथी अनुसूची में कोई बदलाव करती है तो यह संविधान संशोधन (अनुच्छेद 368) के तहत नहीं माना जाएगा। अर्थात इन्हें बिना किसी विशेष प्रक्रिया के किसी भी अन्य साधारण विधेयक की तरह साधारण बहुमत द्वारा पारित किया जा सकता है।
{साधारण बहुमत का अर्थ है उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का बहुमत। )
• बेरुबारी संघ के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संविधान संशोधन होने के बाद ही कोई राज्य क्षेत्र किसी अन्य राष्ट्र को सौंपा जा सकता है।
• 9 संविधान संशोधन 1960 द्वारा बेरुबारी राज्य क्षेत्र पाकिस्तान को सौंप दिया गया तथा 100वें संविधान संशोधन 2015 के द्वारा कुछ भारतीय क्षेत्र इलाके बांग्लादेश को दे दिए गए।
• भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और बांग्लादेश के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर रहमान द्वारा 16 मई 1974 के सीमा समझौता द्वारा भारत के 4 राज्य (पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय और असम) का कुल 10500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र बांग्लादेश को और लगभग 6000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र भारत को बांग्लादेश से प्राप्त हुए।