भारतीय संविधान Easy Notes - 32 (भारतीय संविधान का निर्माण, प्रकृति एवं उसकी विशेषताएं)

क्रमशः..

Day - 32

भारतीय संविधान की प्रकृति

  • विश्व के समस्त संविधान को दो भागों में बांटा जा सकता है –
    1. संघात्मक संविधान
    2. एकात्मक संविधान
  • संघात्मक संविधान के आवश्यक लक्षण निम्नवत् हैं –
    1. लिखित संविधान
    2. संविधान की सर्वोच्चता
    3. संघ तथा राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन
    4. संविधान की अपरिवर्तनशीलता
    5. स्वतंत्र न्यायपलिका
    6. केन्द्र तथा राज्यों में पृथक सरकारें
  • यद्यपि संघात्मक संविधान के सभी आवश्यक तत्व भारतीय संविधान में मौजूद होने के कारण इसे संघात्मक संविधान माना जाता है किन्तु कुछ विशेष परिस्थितियों में भारतीय संविधान एकात्मक का रूप ले लेता है।
  • भारतीय संविधान निम्नलिखित परिस्थितियों में एकात्मक स्वरुप ग्रहण कर लेता है –
    1. आपातकालीन परिस्थितियों में
    2. राज्यपालों की नियुक्ति के समय
    3. संसद द्वारा नए राज्यों के निर्माण
    4. राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषयों पर संसद द्वारा विधि बनाना
    5. केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को निर्देश देने की शक्ति
    6. राज्यपाल का विधानमण्डल द्वारा पारित कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति की अनुमति के लिए आरक्षित करना
    7. केन्द्र द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं के माध्यम से राज्य पर नियंत्रण रखना
  • उक्त विवरण से स्पष्ट होता है कि भारतीय संविधान में एकात्मक तथा संघात्मक दोनों लक्षण पाये जाते हैं। इस प्रकार इसे अर्ध्दसंघात्मकसंविधान कहा जा सकता हैं। डॉ. भीमराव अम्बेडकर का संविधान की प्रकृति के सम्बन्ध में अभिमत था कि यह समय और परिस्थितियों की मांग के अनुसार एकात्मक और संघात्मक हो सकता है।
  • व्हीलर के अनुसार भारत का संविधान अर्ध्दसंघीय है, जबकि ऑस्टिन के अनुसार भारत का संविधान ‘सहकारी परिसंघीय' संविधान है। उच्चतम् न्यायालय ने भी अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि भारत का संविधान संघीय नहीं है, अद्यपि इसमें संघीय संविधान के कई लक्षण पाये जाते हैं।
  • भारतीय संविधान न तो विशुध्द रूप से संघात्मक है और न ही एकात्मक बल्कि य संघात्मक एवं एकात्मक का सम्मिश्रण है और यह अपने ढंग का एक अनोखा संघ है। अतः यह कहा जा सकता है कि भारतीय संविधान एकात्मक के साथ संघात्मक है।

एक लम्बी यात्रा के पश्चात् हम अब पहुंचे है भारतीय संविधान के उद्देशिका के पास अगले नोटस् से हम उद्देशिका से भारतीय संविधान को क्रम से पढ़ेंगे।

जारी...

मिलते है हम अगले दिन, भारतीय संविधान की प्रस्तावना या उद्देशिका विषय पर फिर  चर्चा करने के लिये..

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