राज्य मंत्रिपरिषद

मंत्रिपरिषद का गठन राज्यपाल द्वारा किया जाता है। मंत्री परिषद में उन्हें व्यक्तियों को शामिल किया जाता है जो राज्य विधानसभा या राज्य विधान परिषद के सदस्य हूं लेकिन विशेष परिस्थिति में मंत्रिपरिषद में ऐसे व्यक्तियों को भी शामिल किया जा सकता है जो राज्य विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य ना हो इस प्रकार नियुक्त किए गए सदस्य को विधानसभा का विधान परिषद का सदस्य 6 माह के अंदर बनाना आवश्यक है अन्यथा उसका मंत्री पद समाप्त हो जाता है। मंत्रिमंडल के अंतर्गत मुख्यमंत्री के अतिरिक्त आंतरिक कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री राज्य मंत्री उपमंत्री वह संसदीय सचिव शामिल होते है। 

 मंत्रिपरिषद का गठन

* राज्य के मंत्रिपरिषद के गठन के लिए  सबसे पहले मुख्यमंत्री की नियुक्ति की जाती है । मख्यमंत्री मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष कहलाता है । राज्यपाल अन्यय मंत्रियों का चयन मुख्यमंत्री के परामर्श से करताा है।  मंत्रियों के चुनाव में अंतिम मत मुख्यमंत्रीरी का ही रहता है। मंत्री पद के लिए किसी विशेेष योग्यता का उल्लेख नहीं है । उसके लिए यह आवश्यक है कि व्यक्ति विधानमंडल के किसी सदन का  सदस्य हो । यदि नियुक्ति के समय कोई मंत्री  सदन का  सदस्य नहीं है  तो उसे  6 माह के अंदर  किसी भी सदन की सदस्यता प्राप्त करने अनिवार्य होती है ।

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