भारतीय दण्ड संहिता : धारा (201 से 300 तक)

  • धारा 201 - अपराध के साक्ष्य का विलोपन, या अपराधी को प्रतिच्छादित करने के लिए झूठी जानकारी देना।
  • धारा 202 - सूचना देने के लिए आबद्ध व्यक्ति द्वारा अपराध की सूचना देने का साशय लोप।
  • धारा 203 - किए गए अपराध के विषय में मिथ्या इत्तिला देना
  • धारा 204 - साक्ष्य के रूप में किसी 3[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] का पेश किया जाना निवारित करने के लिए उसको नष्ट करना
  • धारा 205 - वाद या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के प्रयोजन से मिथ्या प्रतिरूपण
  • धारा 206 - संपत्ति को समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए उसे कपटपूर्वक हटाना या छिपाना
  • धारा 207 - संपत्ति पर उसके जब्त किए जाने या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से बचाने के लिए कपटपूर्वक दावा।
  • धारा 208 - ऐसी राशि के लिए जो शोध्य न हो कपटपूर्वक डिक्री होने देना सहन करना
  • धारा 209 - बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा करना
  • धारा 210 - ऐसी राशि के लिए जो शोध्य नहीं है कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना
  • धारा 211 - क्षति करने के आशय से अपराध का झूठा आरोप।
  • धारा 212 - अपराधी को संश्रय देना।
  • धारा 213 - अपराधी को दंड से प्रतिच्छादित करने के लिए उपहार आदि लेना
  • धारा 214 - अपराधी के प्रतिच्छादन के प्रतिफलस्वरूप उपहार की प्रस्थापना या संपत्ति का प्रत्यावर्तन
  • धारा 215 - चोरी की संपत्ति इत्यादि के वापस लेने में सहायता करने के लिए उपहार लेना
  • धारा 216 - ऐसे अपराधी को संश्रय देना, जो अभिरक्षा से निकल भागा है या जिसको पकड़ने का आदेश दिया जा चुका है।
  • धारा 217 - लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा
  • धारा 218 - किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति को समपहरण से बचाने के आशय से लोक सेवक द्वारा अशुद्ध अभिलेख या लेख की रचना
  • धारा 219 - न्यायिक कार्यवाही में विधि के प्रतिकूल रिपोर्ट आदि का लोक सेवक द्वारा भ्रष्टतापूर्वक किया जाना
  • धारा 220 - प्राधिकार वाले व्यक्ति द्वारा जो यह जानता है कि वह विधि के प्रतिकूल कार्य कर रहा है, विचारण के लिए या परिरोध करने के लिए सुपुर्दगी
  • धारा 221 - पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोप
  • धारा 222 - दंडादेश के अधीन या विधिपूर्वक सुपुर्द किए गए व्यक्ति को पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोप
  • धारा 223 - लोक सेवक द्वारा उपेक्षा से परिरोध या अभिरक्षा में से निकल भागना सहन करना।
  • धारा 224 - किसी व्यक्ति द्वारा विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधा।
  • धारा 225 - किसी अन्य व्यक्ति के विधि के अनुसार पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधा
  • धारा 226 - निर्वासन से विधिविरुद्ध वापसी।
  • धारा 227 - दंड के परिहार की शर्त का अतिक्रमण
  • धारा 228 - न्यायिक कार्यवाही में बैठे हुए लोक सेवक का साशय अपमान या उसके कार्य में विघ्न
  • धारा 229 - जूरी सदस्य या आंकलन कर्ता का प्रतिरूपण।
  • धारा 230 - सिक्का की परिभाषा
  • धारा 231 - सिक्के का कूटकरण
  • धारा 232 - भारतीय सिक्के का कूटकरण
  • धारा 233 - सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचना
  • धारा 234 - भारतीय सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचना
  • धारा 235 - सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री उपयोग में लाने के प्रयोजन से उसे कब्जे में रखना
  • धारा 236 - भारत से बाहर सिक्के के कूटकरण का भारत में दुष्प्रेरण
  • धारा 237 - कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात
  • धारा 238 - भारतीय सिक्के की कूटकॄतियों का आयात या निर्यात
  • धारा 239 - सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
  • धारा 240 - उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
  • धारा 241 - किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था
  • धारा 242 - कूटकॄत सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उस समय उसका कूटकॄत होना जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था
  • धारा 243 - भारतीय सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उसका कूटकॄत होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था
  • धारा 244 - टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के को उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत है
  • धारा 245 - टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना
  • धारा 246 - कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना
  • धारा 247 - कपटपूर्वक या बेईमानी से भारतीय सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना
  • धारा 248 - इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए
  • धारा 249 - इस आशय से भारतीय सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए
  • धारा 250 - ऐसे सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है
  • धारा 251 - भारतीय सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है
  • धारा 252 - ऐसे व्यक्ति द्वारा सिक्के पर कब्जा जो उसका परिवर्तित होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया
  • धारा 253 - ऐसे व्यक्ति द्वारा भारतीय सिक्के पर कब्जा जो उसका परिवर्तित होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया
  • धारा 254 - सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, परिवर्तित होना नहीं जानता था
  • धारा 255 - सरकारी स्टाम्प का कूटकरण
  • धारा 256 - सरकारी स्टाम्प के कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री कब्जे में रखना
  • धारा 257 - सरकारी स्टाम्प के कूटकरण के लिए उपकरण बनाना या बेचना
  • धारा 258 - कूटकॄत सरकारी स्टाम्प का विक्रय
  • धारा 259 - सरकारी कूटकॄत स्टाम्प को कब्जे में रखना
  • धारा 260 - किसी सरकारी स्टाम्प को, कूटकॄत जानते हुए उसे असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाना
  • धारा 261 - इस आशय से कि सरकार को हानि कारित हो, उस पदार्थ पर से, जिस पर सरकारी स्टाम्प लगा हुआ है, लेख मिटाना या दस्तावेज से वह स्टाम्प हटाना जो उसके लिए उपयोग में लाया गया है
  • धारा 262 - ऐसे सरकारी स्टाम्प का उपयोग जिसके बारे में ज्ञात है कि उसका पहले उपयोग हो चुका है
  • धारा 263 - स्टाम्प के उपयोग किए जा चुकने के द्योतक चिन्ह का छीलकर मिटाना
  • धारा 264 - तोलने के लिए खोटे उपकरणों का कपटपूर्वक उपयोग
  • धारा 265 - खोटे बाट या माप का कपटपूर्वक उपयोग
  • धारा 266 - खोटे बाट या माप को कब्जे में रखना
  • धारा 267 - खोटे बाट या माप का बनाना या बेचना
  • धारा 268 - लोक न्यूसेन्स
  • धारा 269 - उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
  • धारा 270 - परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
  • धारा 271 - करन्तीन के नियम की अवज्ञा
  • धारा 272 - विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय वस्तु का अपमिश्रण।
  • धारा 273 - अपायकर खाद्य या पेय का विक्रय
  • धारा 274 - औषधियों का अपमिश्रण
  • धारा 275 - अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय
  • धारा 276 - ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय
  • धारा 277 - लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना
  • धारा 278 - वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए अपायकर बनाना
  • धारा 279 - सार्वजनिक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकना
  • धारा 280 - जलयान का उतावलेपन से चलाना
  • धारा 281 - भ्रामक प्रकाश, चिन्ह या बोये का प्रदर्शन
  • धारा 282 - अक्षमकर या अति लदे हुए जलयान में भाड़े के लिए जलमार्ग से किसी व्यक्ति का प्रवहण
  • धारा 283 - लोक मार्ग या पथ-प्रदर्शन मार्ग में संकट या बाधा कारित करना।
  • धारा 284 - विषैले पदार्थ के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण
  • धारा 285 - अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण।
  • धारा 286 - विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण
  • धारा 287 - मशीनरी के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण
  • धारा 288 - किसी निर्माण को गिराने या उसकी मरम्मत करने के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण
  • धारा 289 - जीवजन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण।
  • धारा 290 - अन्यथा अनुपबन्धित मामलों में लोक बाधा के लिए दण्ड।
  • धारा 291 - न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखना
  • धारा 292 - अश्लील पुस्तकों आदि का विक्रय आदि।
  • धारा 293 - तरुण व्यक्ति को अश्लील वस्तुओ का विक्रय आदि
  • धारा 294 - अश्लील कार्य और गाने
  • धारा 295 - किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना।
  • धारा 296 - धार्मिक जमाव में विघ्न करना
  • धारा 297 - कब्रिस्तानों आदि में अतिचार करना
  • धारा 298 - धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के सविचार आशय से शब्द उच्चारित करना आदि।
  • धारा 299 - आपराधिक मानव वध
  • धारा 300 - हत्या
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