भारतीय दण्ड संहिता : धारा (301 से 400 तक)

  • धारा 301 - जिस व्यक्ति की मॄत्यु कारित करने का आशय था उससे भिन्न व्यक्ति की मॄत्यु करके आपराधिक मानव वध करना।
  • धारा 302 - हत्या के लिए दण्ड
  • धारा 303 - आजीवन कारावास से दण्डित व्यक्ति द्वारा हत्या के लिए दण्ड।
  • धारा 304 - हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए दण्ड
  • धारा 305 - शिशु या उन्मत्त व्यक्ति की आत्महत्या का दुष्प्रेरण।
  • धारा 306 - आत्महत्या का दुष्प्रेरण
  • धारा 307 - हत्या करने का प्रयत्न
  • धारा 308 - गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास
  • धारा 309 - आत्महत्या करने का प्रयत्न।
  • धारा 310 - ठग।
  • धारा 311 - ठगी के लिए दण्ड।
  • धारा 312 - गर्भपात कारित करना।
  • धारा 313 - स्त्री की सहमति के बिना गर्भपात कारित करना।
  • धारा 314 - गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यों द्वारा कारित मॄत्यु।
  • धारा 315 - शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मॄत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य।
  • धारा 316 - ऐसे कार्य द्वारा जो गैर-इरादतन हत्या की कोटि में आता है, किसी सजीव अजात शिशु की मॄत्यु कारित करना।
  • धारा 317 - शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का परित्याग और अरक्षित डाल दिया जाना।
  • धारा 318 - मॄत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म छिपाना
  • धारा 319 - क्षति पहुँचाना।
  • धारा 320 - घोर आघात।
  • धारा 321 - स्वेच्छया उपहति कारित करना
  • धारा 322 - स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
  • धारा 323 - जानबूझ कर स्वेच्छा से किसी को चोट पहुँचाने के लिए दण्ड
  • धारा 324 - खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करना
  • धारा 325 - स्वेच्छापूर्वक किसी को गंभीर चोट पहुचाने के लिए दण्ड
  • धारा 326 - खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छापूर्वक घोर उपहति कारित करना
  • धारा 327 - संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति की जबरन वसूली करने के लिए या अवैध कार्य कराने को मजबूर करने के लिए स्वेच्छापूर्वक चोट पहुँचाना।
  • धारा 328 - अपराध करने के आशय से विष इत्यादि द्वारा क्षति कारित करना।
  • धारा 329 - सम्पत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य कराने को मजबूर करने के लिए स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
  • धारा 330 - संस्वीकॄति जबरन वसूली करने या विवश करके संपत्ति का प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया क्षति कारित करना।
  • धारा 331 - संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
  • धारा 332 - लोक सेवक अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
  • धारा 333 - लोक सेवक को अपने कर्तव्यों से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया घोर क्षति कारित करना।
  • धारा 334 - प्रकोपन पर स्वेच्छया क्षति करना
  • धारा 335 - प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
  • धारा 336 - दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा पहुँचाने वाला कार्य।
  • धारा 337 - किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा हो, चोट पहुँचाना कारित करना
  • धारा 338 - किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा हो, गंभीर चोट पहुँचाना कारित करना
  • धारा 339 - सदोष अवरोध।
  • धारा 340 - सदोष परिरोध या गलत तरीके से प्रतिबंधित करना।
  • धारा 341 - सदोष अवरोध के लिए दण्ड
  • धारा 342 - ग़लत तरीके से प्रतिबंधित करने के लिए दण्ड।
  • धारा 343 - तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध।
  • धारा 344 - दस या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध।
  • धारा 345 - ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध जिसके छोड़ने के लिए रिट निकल चुका है
  • धारा 346 - गुप्त स्थान में सदोष परिरोध।
  • धारा 347 - सम्पत्ति की जबरन वसूली करने के लिए या अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने के लिए सदोष परिरोध।
  • धारा 348 - संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन करने के लिए सदोष परिरोध
  • धारा 349 - बल।
  • धारा 350 - आपराधिक बल
  • धारा 351 - हमला।
  • धारा 352 - गम्भीर प्रकोपन के बिना हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्ड
  • धारा 353 - लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से भयोपरत करने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
  • धारा 354 - स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
  • धारा 355 - गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा किसी व्यक्ति का अनादर करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
  • धारा 356 - हमला या आपराधिक बल प्रयोग द्वारा किसी व्यक्ति द्वारा ले जाई जाने वाली संपत्ति की चोरी का प्रयास।
  • धारा 357 - किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करने के प्रयत्नों में हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।
  • धारा 358 - गम्भीर प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
  • धारा 359 - व्यपहरण
  • धारा 360 - भारत में से व्यपहरण।
  • धारा 361 - विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण
  • धारा 362 - अपहरण।
  • धारा 363 - व्यपहरण के लिए दण्ड
  • धारा 364 - हत्या करने के लिए व्यपहरण या अपहरण करना।
  • धारा 365 - किसी व्यक्ति का गुप्त और अनुचित रूप से सीमित / क़ैद करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण।
  • धारा 366 - विवाह आदि के करने को विवश करने के लिए किसी स्त्री को व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना
  • धारा 367 - व्यक्ति को घोर उपहति, दासत्व, आदि का विषय बनाने के उद्देश्य से व्यपहरण या अपहरण।
  • धारा 368 - व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को गलत तरीके से छिपाना या क़ैद करना।
  • धारा 369 - दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण
  • धारा 370 - मानव तस्करी - दास के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदना या बेचना।
  • धारा 371 - दासों का आभ्यासिक व्यवहार करना।
  • धारा 372 - वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को बेचना।
  • धारा 373 - वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को खरीदना।
  • धारा 374 - विधिविरुद्ध बलपूर्वक श्रम।
  • धारा 375 - बलात्संग
  • धारा 376 - बलात्कार के लिए दण्ड
  • धारा 377 - प्रकॄति विरुद्ध अपराध
  • धारा 378 - चोरी
  • धारा 379 - चोरी के लिए दंड
  • धारा 380 - निवास-गॄह आदि में चोरी
  • धारा 381 - लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में संपत्ति की चोरी।
  • धारा 382 - चोरी करने के लिए मॄत्यु, क्षति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी करना।
  • धारा 383 - उद्दापन / जबरन वसूली
  • धारा 384 - ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए दण्ड।
  • धारा 385 - ज़बरदस्ती वसूली के लिए किसी व्यक्ति को क्षति के भय में डालना।
  • धारा 386 - किसी व्यक्ति को मॄत्यु या गंभीर आघात के भय में डालकर ज़बरदस्ती वसूली करना।
  • धारा 387 - ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को मॄत्यु या घोर आघात के भय में डालना।
  • धारा 388 - मॄत्यु या आजीवन कारावास, आदि से दंडनीय अपराध का अभियोग लगाने की धमकी देकर उद्दापन
  • धारा 389 - जबरन वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को अपराध का आरोप लगाने के भय में डालना।
  • धारा 390 - लूट।
  • धारा 391 - डकैती
  • धारा 392 - लूट के लिए दण्ड
  • धारा 393 - लूट करने का प्रयत्न।
  • धारा 394 - लूट करने में स्वेच्छापूर्वक किसी को चोट पहुँचाना
  • धारा 395 - डकैती के लिए दण्ड
  • धारा 396 - हत्या सहित डकैती।
  • धारा 397 - मॄत्यु या घोर आघात कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती।
  • धारा 398 - घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न।
  • धारा 399 - डकैती करने के लिए तैयारी करना।
  • धारा 400 - डाकुओं की टोली का होने के लिए दण्ड
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