भ्रष्टाचार अवधारणा सूचकांक - यह सूचकांक ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी किया जाता है वर्ष 2018 के सूचकांक में विश्व के 180 देशों में भारत 78वें स्थान पर रहा।
सूचकांक में डेनमार्क को सर्वोच्च रैंकिंग प्राप्त हुई तथा न्यूजीलैंड दूसरे स्थान पर रहा यह सूचकांक सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार की अवधारणा की माप करता है इस सूचकांक में भारत को 40 अंक प्राप्त हुए हैं ।
मानव विकास सूचकांक - यह सूचकांक संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण विकास कार्यक्रम द्वारा जारी किया जाता है वर्ष 2018 के सूचकांक में विश्व के 189 देशों में भारत का 130 वां स्थान है नार्वे सर्वोच्च रैंकिंग पर है ।
व्यवसाय सुगमता सूचकांक- यह सूचकांक विश्व बैंक के द्वारा जारी किया जाता है विश्व के 190 देशों में वर्ष 2019 में भारत को 77 वा स्थान प्राप्त हुआ है तथा न्यूजीलैंड सर्वोच्च रैंक पर है।
वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक - यह सूचकांक विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी किया जाता है । 2018 के सूचकांक के अनुसार विश्व के 149 देशों में भारत को 108 वां स्थान प्राप्त हुआ था वर्ष 2018 के अंक में आईसलैंड को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ था ।
यह सूचकांक 4 मुख्य बिंदु पर आधारित होता है जो निम्न है -
- आर्थिक अवसर
- राजनीतिक सशक्तिकरण
- शैक्षिक लब्धि
- स्वास्थ्य व उत्तरजीविता
विश्व प्रसन्नता सूचकांक - विश्व प्रसन्नता सूचकांक संयुक्त राष्ट्र सतत विकास सॉल्यूशन नेटवर्क के द्वारा जारी किया जाता है। वर्ष 2018 के सूचकांक के अनुसार इस वर्ष भारत को 133 वां स्थान प्राप्त हुआ था तथा फिनलैंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था ।
इस सूचकांकों को बनाने का मुख्य आधार -
- प्रति व्यक्ति जीडीपी
- सामाजिक सहायता
- स्वस्थ जीवन प्रत्याशा
- सामाजिक स्वतंत्रता
- भ्रष्टाचार की अनुपस्थिति
- उदारता
निम्न बिंदुओं को मुख्य मानकर विभिन्न देशों के प्रदर्शन की गणना की जाती है।