भारतेन्दु पूर्व युग
फोर्ट विलियम काॅलेज की स्थापना-1800 ई0
हिन्दू काॅलेज की स्थापना-1817 ई0
ब्रह्म समाज की स्थापना-1828 ई0
प्रार्थना समाज की स्थापना-1867 ई0
आर्य समाज की स्थापना-1875 ई0
स्वामी दयानन्द के ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के प्रकाशन-1875ई0
हिन्दी का प्रथम समाचार पत्र-उदंत मार्तण्ड
मानव धर्म सार इतिहास मिमिर नाशक, भूगोल हस्तामलक राजा शिव प्रसाद सितारे हिन्द की रचना है।
भारतेन्दु युग (1850-1900ई0)
भारतेन्दु युग को डाॅ0 नगेन्द्र ने पुनर्जागरण काल की संज्ञा दी है।
भारतेन्दु जी ने 1868 ई0 में बालबोधिनी पत्रिका निकाली।
द्वितीय पत्रिका-1873 ई0 मे हरिश्चन्द्र मैग्जीन नाम से प्रकाशित किया।
हरिश्चन्द्र मैग्जीन का नाम परिवर्तित करके हरिश्चन्द्र चन्द्रिका रखा गया।
श्री हरिश्चन्द्र जी ने सन् 1874 ई0 में बाल बोधिनी पत्रिका नारी शिक्षा के लिए निकाली।
विद्या सुन्दर, रत्नावली, कर्पूर मंजरी, मुद्रा राक्षस, दुर्लभ बंधु, श्री चन्द्रावली, भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी आदि भारतेन्दु जी के नाटक हैं।
पूर्ण प्रकाश, चन्द्रप्रभा भारतेन्दु जी के उपन्यास है।
कविता कलाप, श्रृृगार मंजरी, विजय बल्लरी, बकरी विलाप, बंदर सभा आदि इनकी प्रसिद्ध कविताएं हैं।
ब्राह्मण पत्रिका-प्रताप नारायण मिश्र जी ने निकाली।
भारत-दुर्दशा, कलिकौतुक, हम्मीर हठ, संगीत शाकुन्तल आदि प्रताप नारायण मिश्र के प्रसिद्ध नाटक हैं।
लाला श्रीनिवास दास ने परीक्षा श्गुरु नामक उपन्यास लिखा, जो हिन्दी का प्रथम उपन्यास माना जाता है।
प्रह्लाद चरित, रणधीर प्रेममोहिनी, सप्ता संवरण आदि इनके अन्य नाटक हैं।
बद्री नारायण चैधरी ‘प्रेमधन’ ने आनंद कादम्बिनी पत्रिका का सम्पादन किया है।
प्रेमधन की रचनाएँ-(काव्य) जीर्ण जनपद, आलौकिक लीला। भारत सौभाग्य, प्रयाग रामागमन, वीरांगना रहस्य, वृद्धा विलाप आदि आपके नाटक हैं।