द्विवेदी युग (1900-1918 ई0)
सरस्वती पत्रिका की स्थापना सन् 1900 ई0 में।
सरस्वती के संस्थापक-चिन्तामणि घोस
सरस्वती के संस्थापक-चिन्तामणि घोष
सरस्वती के प्रथम सम्पादक-श्याम सुन्दर दास
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी 1903 ई0 में सरस्वती की कमान सम्भाले।
काव्य मंजूषा, सुमन, कान्यकुब्ज, अबला विलाप, कविता कलाप महावीर प्रसाद द्विवेदी जी की काव्य कृतियाँ हैं।
हिन्दी की हिमायत-प्रताप नारायण मिश्र की कविता है।
भाषा और व्याकरण, कवि और कविता, कवि बनने के लिए सापेक्ष साधन, उपन्यास रहस्य, नेपाल, आगरे की शाही इमारतें, म्युनिसिपलिटी के कारनामे, आत्म निवेदन, प्रभात, सुतापराधे, जनकस्य दण्डः आदि द्विवेजी जी के निबंध है।
आचरण की सभ्यता, मजदूरी और प्रेम, सच्ची वीरता, पवित्रता, कन्यादान, अमरीका का मस्ताना जोगी वाल्ट हिटमैन, नयनों की गंगा, ब्रह्म क्रांति आदि सरदार पूर्णसिंह जी के निबंध हैं।
प्रिय प्रवास, पद्य प्रसून चुभते-चैपदे, चोखे चैपदे, प्रद्युम्न विजय, रूक्मिणी परिणय नाटक तथा पारिजात स्फुट, गीतों का संकलन, रस कलस वैदेही वनवास आदि काव्य ग्रंथ अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध के हैं।
चोखे चैपदे, चुभते चैपदे हरिऔध जी के ब्रजभाषा में लिखे काव्य ग्रंथ हैं।
आचार्य शुक्ल ने हरिऔध जी को ‘द्विकलात्मक कला में सिद्ध हस्त’ कहा है।