कुछ महत्वपूर्ण नदियों का विवरण । भाग 1

गोदावरी नदी:-

यह नदी पश्चिमी घाट पर्वत में मुम्बई के निकट स्थित नासिक में त्र्यम्बकेश्वर ( Trimbakeshwar ) से निकलती है और दक्षिण मध्य भारत को पार कर दक्षिण पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है । इस नदी की कुल लम्बाई 1465 किमी है । यह प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लम्बी नदी है । इसने एक विस्तृत डेल्टा का निर्माण किया । इस नदी की सहायक नदी पेनगंगा , वर्धा , वेनगंगा , इन्द्रावती , सबरी ( बाएँ से ) एवं मंजीरा ( दाएँ से ) नदी है ।

कावेरी नदी :-

यह नदी कर्नाटक राज्य के कोडगु जिले में अवस्थित पश्चिमी घाट श्रेणी के ब्रह्मगिरी पहाड़ी से निकलती है । इस नदी की कुल लम्बाई 760 किमी है । इसे ग्रीष्म एवं शीत दोनों ही ऋतुओं में वर्षा का जल प्राप्त होता है । अतः इसमें लगभग सालों भर जल रहता है । श्रीरंगपट्टनम एवं शिवसमुद्रम इस नदी के दो महत्त्वपूर्ण द्वीप हैं । यह नदी शिवसमुद्रम नामक प्रसिद्ध जलप्रपात बनाती है । इस नदी की सहायक नदी हेमवती , शीमाशा , कब्बानी , भवानी , नोइल और अमरावती है ।

ताप्ती नदी :-

यह नदी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुल्तई नामक स्थान से निकलती है । इस नदी की कुल लम्बाई 724 किमी है । यह नदी पश्चिम से पूरब की ओर बहती है । पूरब से पश्चिम की ओर बहने वाली भारत की मात्र तीन नदियाँ - नर्मदा , ताप्ती एवं माही है । ताप्ती नदी की सहायक नदी पुरना , बैतूल , क्षिप्रा और मोर है । यह सतपुडा एवं अजन्ता श्रेणी के बीच स्थित दरार घाटी से होकर प्रवाहित होती है । यह एक एस्चुअरी का निर्माण करती है एवं खंभात की खाड़ी में गिरती है । गुजरात का सूरत शहर इसी नदी के किनारे अवस्थित है ।

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