मस्तिष्क के भाग
मस्तिष्क के 3 भाग होते हैं-
1- अग्र मस्तिष्क
2- मध्य मस्तिष्क
3- पश्च मस्तिष्क
अग्र मस्तिष्क - अग्र मस्तिष्क के 2 भाग होते हैं ।
-सेरीब्रम
-डाईएनासिफेलान
डाईएनासिफेलान - इसके 2 भाग होते हैं-
-थैलमस
- हाइपोथैलमस
सेरीब्रम - सेरीब्रम अग्रमस्तिष्क और पूरे मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग होता है इसका मुख्य कार्य सोचना , समझना निर्णय लेना, किसी भी बात को याद रखना (याददाश्त), ज्ञान इन सबका केंद्र होता है।
थैलमस - मस्तिष्क का यह भाग दर्द एवं तापांतर की सूचना का केंद्र होता है जिससे शरीर में किसी भाग में दर्द या ताप संबंधी सूचना मस्तिष्क तक पहुंचती है ।
हाइपोथैलमस - मस्तिष्क के इस भाग से हमें भूख , प्यास कोशिकाओं में जल की स्थिति तथा शरीर का ताप नियंत्रण की सूचना का केंद्र होता है इसके साथ ही साथ यह किसी व्यक्ति के प्रति प्यार एवं घणा का केंद्र भी होता है।
मध्य मस्तिष्क - मध्य मस्तिष्क के दो भाग होते हैं
- सेरीब्रल पेण्डीकल
- कारपोराक्वॉर्डीजेमिना
सेरीब्रल पेण्डीकल - मस्तिष्क का यह सबसे छोटा भाग होता है जो कि मध्य मस्तिष्क में स्थित होता है इसका मुख्य कार्य सूचनाओं को आगे बढ़ाने के लिए माध्यम प्रदान करना होता है यह तत्वों का एक बंडल होता है जो मस्तिष्क को मध्य मस्तिष्क से जोड़े रहता है।
कारपोराक्वॉर्डीजेमिना - मस्तिष्क का यह भाग देखने तथा सुनने से संबंधित सूचना का केंद्र है इसमें किसी भी प्रकार से समस्या हो जाने पर देखनी तथा सुनने की शक्ति समाप्त हो जाती है।
पश्च मस्तिष्क - मस्तिष्क का यह भाग 3 भागों से मिलकर बना होता है
- मेडुला
- सेरीबेलम
- पान्स
मेडुला - मस्तिष्क का यह भाग सबसे अंतिम भाग है इसी के नीचे मेरुरज्जु शुरू होता है कोशिकाओं के आंतरिक स्थिति का नियंत्रण इसके द्वारा किया जाता है ग्रंथि स्त्राव , एंजाइम का निकलना तथा विभिन्न प्रकार की उपापचयी क्रियाएं का नियंत्रण भी इसके द्वारा होता है।
सेरीबेलम - यह ऐच्छिक पेशियों के नियंत्रण का केंद्र होता है तथा शरीर को साधे रखने में भी सहायता प्रदान करता है।