लोकसभा ने हाल ही में डीएनए तकनीक ( उपयोग एवं अनुप्रयोग ) नियम विधेयक , 2018 को पारित कर दिया है। यह विधेयक अपराधियों , संदिग्ध अपराधियों और विचाराधीन बंदियों के पहचान के लिए डीएनए तकनीक के प्रयोग का नियमन करता है ।
वर्तमान समय में अपराधों को सुलझाने के लिए डीएनए पर आधारित तकनीकी का प्रयोग पूरे विश्व द्वारा किया जा रहा है इसी को ध्यान में रखते हुए इस विधेयक का उद्देश्य डीएनए पर आधारित तकनीकों का प्रयोग कर देश की न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना है जिससे विभिन्न अपराधों को नियंत्रित किया जा सके तथा अपराधियों को सजा दी जा सके।
इस विधेयक से होने वाले लाभ - इसके निम्नलिखित लाभ है
- इस विधेयक के पारित होने के बाद डीएनए के नमूने लेना और डीएनए बैंक को स्थापित करना आसान हो जाएगा तथा डीएनए के नमूनों का गलत इस्तेमाल भी रोका जा सकेगा और गलत इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को सजा भी दिलाई जा सकेगी।
- इसके साथ ही यौन हमले जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में अपराधियों की पहचान की जा सकेगी चाहे यह मामला कितना भी पुराना क्यों ना हो इससे अपराधी की पहचान की जा सकती है ।
- लावारिस लाशों की पहचान करने , आपदा में शिकार हुए लोगों की पहचान करने तथा गुमशुदा लोगों को तलाशने , अपराध नियंत्रण और अपराधियों की पहचान करने में इसकी बहुत उपयोगिता होगी ।
महत्वपूर्ण बिंदु -
- इस विधेयक का उद्देश्य न्यायालय की प्रक्रिया में डीएनए रिपोर्ट को प्रमाण के रूप में मान्यता दिलाना है विधेयक में यह प्रस्ताव है कि अपराध पीड़ितों , संदिग्ध अपराधियों लावारिस लाशों , खोए हुए व्यक्तियों आदि की पहचान के लिए राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर डीएनए डाटा बैंकों की स्थापना की जाएगी । विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि यदि कोई डीएनए टाटा ऐसे व्यक्ति को दे दे जिसके लिए वह अधिकारी नहीं हो तो उसे 3 वर्ष तक के कारावास की सजा और ₹100000 की आर्थिक दंड का जुर्माना भी लगेगा। और साथ ही साथ अवैध रूप से डीएनए डाटा प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भी जुर्माना एवं सजा मिलेगी ।
- इसमें प्रस्ताव है कि डीएनए प्रोफाइल , डीएनए नमूने और डीएनए रिकॉर्ड समेत सभी डीएनए टाटा मात्र व्यक्ति की पहचान के लिए प्रयुक्त किए जाएंगे इनका कोई अन्य उद्देश्य नहीं होगा तथा डीएनए प्रयोगशालाओं को मान्यता देने और उन्हें क्रियान्वयनित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी और इसके विनियमन के लिए डीएनए नियामक बोर्ड की भी स्थापना होगी।